मोरवा. कभी धरमपुर बांदे पंचायत का गौरव कहा जाने वाला समाज सदन अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. वर्षों से इसे एक उद्धारक की तलाश है जो इस धरोहर की रक्षा कर सके. विदित हो कि सन् 1954 में पंचायत की सबसे ऊंची जगह पर सरकार द्वारा इसका निर्माण कराया गया था जिसका उपयोग तबसे लेकर आज तक लोकसभा व विधानसभा समेत सभी चुनावों एवं ग्रामीण गतिविधियों के लिए होता आ रहा है लेकिन बीतते समय के साथ इसके भवन धराशायी होने लगे. पंचायत प्रतिनिधि से लेकर अधिकारी और मंत्री तक इसकी खबर पहंुचे लेकिन किसी ने इसकी सुधि लेने की जरूरत नहीं समझी. सामाजिक कार्यकर्ता छोटकु बाबा ने बताया कि इसके भवन को बचाने के लिए सभी अधिकारियों से आरजू मिन्नतें की जा रही है. लेकिन इस दिशा में कोई पहल नहीं की जा रही है. आज हालात ऐसे हो गये हैं कि इस भवन पर कोई क्रियाकलाप संभव नहीं है. अगर सरकार द्वारा इस तरफ तत्काल कोई कदम नहीं उठाया जाता है तो बाध्य होकर ग्रामीण इस धरोहर को बचाने के लिए चरणबद्ध आंदोलन चलायेंगे.
बदहाली पर आंसू बहा रहा समाज सदन
मोरवा. कभी धरमपुर बांदे पंचायत का गौरव कहा जाने वाला समाज सदन अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. वर्षों से इसे एक उद्धारक की तलाश है जो इस धरोहर की रक्षा कर सके. विदित हो कि सन् 1954 में पंचायत की सबसे ऊंची जगह पर सरकार द्वारा इसका निर्माण कराया गया था जिसका उपयोग […]
