रोसड़ा. रह रह कर भूकंप के झटके ने लोगों के मन: स्थिति पर काफी प्रभाव डाल दिया है. लोग चौकन्ना हैं. किसी काम में लगे भी हैं तो भूकंप आने का खौफ मन में समाया हुआ है. विगत तीन दिन से कई बार भूकंप के झटके को झेल चुके लोगों में हमेशा दहशत बनी हुई है. शनिवार के भूकंप के बाद रविवार को दिन के अलावे रात्रि करीब 9.58 बजे मे कम तीव्रता के भूकंप से लोगों को एक बार फिर से दहशत में डाल दिया. सभी लोग अपने अपने घर द्वार को पलभर में छोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले गये. साथ ही बच्चे, बड़े व महिलाएं व युवा वर्ग सभी डरे सहमे रतजगा करने को विवश हो गये. शहरी क्षेत्र के लोगों में ज्यादा दहशत व्याप्त था. सबों को अपने अपने मकान के भूकंप से क्षतिग्रस्त होने का भय सता रहा था. शहर के अधिकतर बच्चे घर में जाने पर दहशतजदा दिख रहे थे. मनीष, शीतल, प्रियंका, दिव्यांशु, अनामिका, अन्नु, राजेश, मुकेश, कैलाश आदि ने बताया कि पहली बार भूकंप को देखा हैं. शनिवार को आयी भूकंप में अनुमंडलीय अस्पताल में अफरा तफरी मच गयी. चिकित्सक व कर्मी अस्पताल से बाहर भागे. दूसरी ओर दर्जनों मरीज भी अस्पताल से बाहर आ गये. इसी क्रम में प्रसव के लिए भर्त्ती देउधा गांव की महिला लालपरी देवी ने भूकंप के दौरान ही एक बच्ची को जन्म दिया. उस समय अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गयी. किसी तरह महिलाओं ने उसका प्रसव जमीन पर ही कराया.
झटके से लोगों में पैदा हो गया भय
रोसड़ा. रह रह कर भूकंप के झटके ने लोगों के मन: स्थिति पर काफी प्रभाव डाल दिया है. लोग चौकन्ना हैं. किसी काम में लगे भी हैं तो भूकंप आने का खौफ मन में समाया हुआ है. विगत तीन दिन से कई बार भूकंप के झटके को झेल चुके लोगों में हमेशा दहशत बनी हुई […]
