समस्तीपुर. सामान्य दिनों में मरीजों से खचाखच भरा रहने वाला सदर अस्पताल वीरान सा नजर आ रहा था. इक्के दुक्के मरीज ही अपनी गंभीर मर्ज के इलाज की चिंता कर यहां अटके हुए थे. लेकिन वह भी अधिकतर समय अस्पताल के खाली पड़े परिसर में ही काट रहे थे. भूकंप के झटके की चिंता उनमें भी उतनी ही नजर आयी जितना दूसरे लोग. हां सुकून में दिखे तो अस्पताल के कर्मी जिन्हें आज मरीजों की कम आवाजाही के कारण फुर्सत थी. चिकित्सक ऑन ड्यूटी मगर मरीज की प्रतीक्षा करते. सुकून थी तो जिले में अधिक क्षति नहीं होने को लेकर. उधर, प्रसव कक्ष और प्रसूति विभाग में भी महिला मरीजों की उपस्थिति कम थी जो थे वह भी खामोशी के साथ वक्त गुजार रहे थे.
अस्पताल के बेड खाली परिसर में सन्नाटा
समस्तीपुर. सामान्य दिनों में मरीजों से खचाखच भरा रहने वाला सदर अस्पताल वीरान सा नजर आ रहा था. इक्के दुक्के मरीज ही अपनी गंभीर मर्ज के इलाज की चिंता कर यहां अटके हुए थे. लेकिन वह भी अधिकतर समय अस्पताल के खाली पड़े परिसर में ही काट रहे थे. भूकंप के झटके की चिंता उनमें […]
