भूकंप से क्षतिग्रस्त हुआ मिथिलांचल का प्रवेश द्वार

फोटो संख्या : 4 व 5 मरम्मत के लिए लगाया गया प्लास्टर भूकंप के झटके में ढहा प्रतिनिधि, समस्तीपुरसमस्तीपुर होते हुए दरभंगा व नेपाल की सीमा को जोड़ने वाला समस्तीपुर का एक मात्र ओवरब्रिज कभी भी धराशायी हो सकता है. इसके कुछ पिलरों की दीवारें दरक गयी है. आलम यह कि रह-रह कर गिर रहे […]

फोटो संख्या : 4 व 5 मरम्मत के लिए लगाया गया प्लास्टर भूकंप के झटके में ढहा प्रतिनिधि, समस्तीपुरसमस्तीपुर होते हुए दरभंगा व नेपाल की सीमा को जोड़ने वाला समस्तीपुर का एक मात्र ओवरब्रिज कभी भी धराशायी हो सकता है. इसके कुछ पिलरों की दीवारें दरक गयी है. आलम यह कि रह-रह कर गिर रहे प्लास्टर के बाद अब उसकी छड़े दिखाई देने लगी है. हालांकि रेलवे ने कुछेक पिलरों को मरम्मत कर बेहतर बनाया था. लेकिन, विगत दो दिनों से आ रहे भूकंप के झटकें में मरम्मत के दौरान लगाया गया प्लास्टर ढह गया. रविवार को पिलर के आसपास मौजूद दुकानदारों ने बताया कि शनिवार को प्लास्टर की परत टूट-टूटकर गिर रही है. वहीं दरारें भी निकल आयी है. बताते चलें कि दो भाग में बंटे शहर को जोड़ने समेत दरभंगा, मधुबनी व नेपाल के अंतरराष्ट्रीय सीमा को जोड़ने का का काम कर रहे इस ओवरब्रिज की स्थिति ऐसी हो गयी है कि यह किसी भी क्षण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. इससे न केवल दूसरे जिला के लोग बल्कि शहर के रेलवे लाइन से दक्षिण रहने वाले लोग उधर ही रह जायेंगे और उत्तर दिशा में रहने वाले लोग दक्षिण की ओर नहीं जा पायेंगे. शहर के बीचो-बीच बने ओवरब्रिज के चार पाए पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं. पुल के अगल-बगल वाले लोग भी इससे भयाक्र ांत है. विदित हो कि वर्ष 1978 में इस सड़क पुल का निर्माण हुआ था. इसका उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री की अनुपिस्थति में पथ निर्माण मंत्री अनूपलाल यादव ने किया था. 37 वषार्े की लंबी अविध के दौरान इस पुल की कभी मरम्मति भी नहीं हुई. परिणाम दीवारें दरकने लगी, प्लास्टर झड़ने लगे. लेकिन जिले के हुक्मरानों की नजर अभी तक इस पर नहीं पड़ सकी है.

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