समस्तीपुर : भूकंप ने जिले की नदियों में उफान ला दिया. तरंगों में उछाल मानों ऐसा था कि नदियों में पानी खिंचने के लिये जेनेरेटर लगा दिया गया हो. औसतन लहरों में तीन फुट से अधिक की उछाल देखी गयी. शहरी इलाकों से गुजरने वाली गंडक नदी में मानो ऐसा लग रहा था कि आज उछाल से ही तटबंधों की सीमा को नदी लांघ जायेगी.
आसपास रहने वाले वासियों को एक तो भूकंप की कहर वही नदियों की विकराल रुप दोनो ही एक साथ देखने को मिली. नदियों की इस प्रवाह को देखते हुए मछली पकड़ने गये मछुआरों ने नाव सहित वापस अपने घरों को लौट चले. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ऐसा रुप इस मौसम में पहली बार देखने को मिला है. औसतन शांत रहने वाली नदियां आज अपने गर्भ में अलग ही उफान समेटे नजर आयी.
चालकों ने रोका वाहन
भूकंप ने वाहन चालकों को अचंभित कर दिया. तेजी से रफ्तार पर भागती वाहनों के टायरों के नीचे से जमीन खिसकनी लगी. पहले तो चालकों को लगा कि उनकी तबीयत ही गड़बड़ हो रही है. लेकिन डोलती हुई सड़कों ने सबकुछ समझा दिया. इसके बाद तो वाहनों की कतारें सड़कों पर लगनी लगी. बाइक, टेंपो, बस, स्कॉर्पियो की लंबी कतारें सड़कों पर लग गयी.
