फोटो संख्या : 10 प्रतिनिधि, मोहिउद्दीननगर प्रखंडाधीन अन्दौर गांव में संपूर्ण इलाके से कथा श्रवण करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. नौ दिवसीय श्रीराम कथा के पांचवें दिन श्रीधाम अयोध्या से आये कथावाचक श्री प्रभंजनानंद शरणजी महाराज ने कहा कि जो मनुष्य स्वयं के लिए जीता है व जिसमें दूसरों के लिए कल्याण की भावना निहित नहीं होती है मनुष्य होते हुए भी साक्षात पशुवत होता है. अपने अंदर संपूर्ण विश्व के कल्याण के भावना से मन को संकल्पित सकारात्मक सोच विकसित करते हुए सद्गुणों का समावेशन कर मनुष्य अपार सुख की अनुभूति प्राप्त कर सकता है. इसके लिए मन का नियंत्रण, बुद्धि से बुद्धि का नियंत्रण इंद्रियों से, इंद्रियों का नियंत्रण आत्मा से व आत्मा का नियंत्रण परमात्मा के द्वारा होता है. प्रवचन में फुलवाड़ी, परशुराम, लक्ष्मण संवाद, जनक प्रतिज्ञा व राम-सीता विवाह के मनोहारी दृश्यों को श्रद्धालुओं ने अवलोकन किये. महाराज के साथ आए कलाकारों ने विपिन तिवारी-हारमोनियम, अतीश कुमार-आर्गन, प्रदीप तिवारी-तबला, गुड्डू कुमार-पैड, चंदेश्वर राय-सितार के साथ युगलबंदी किये. मौके पर महथ रामऔतार दास, सुरेश दास, प्रो. सतीशचन्द्र झा, उमेश प्रसाद सिंह, दिनेश प्रसाद सिंह, अरुण कुमार सिंह, महेश्वर शर्मा, जनक सिंह, शंकर सिपाही आदि थे.
विश्व के कल्याण की भावना से संकल्पित हो : प्रभंजनानंद
फोटो संख्या : 10 प्रतिनिधि, मोहिउद्दीननगर प्रखंडाधीन अन्दौर गांव में संपूर्ण इलाके से कथा श्रवण करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. नौ दिवसीय श्रीराम कथा के पांचवें दिन श्रीधाम अयोध्या से आये कथावाचक श्री प्रभंजनानंद शरणजी महाराज ने कहा कि जो मनुष्य स्वयं के लिए जीता है व जिसमें दूसरों के लिए […]
