एसडीओ ने दिया एटूजेड पर प्राथमिकी दर्ज करने का आवेदनसमस्तीपुर. विद्युत संचरण व्यवस्था दुरुस्त करने के दौरान अबतक आधा दर्जन मिस्त्रियों की मौत किसी न किसी लापरवाही के कारण हो चुकी है. प्रत्येक मौत के बाद विद्युत कंपनी के अभियंता जांच के नाम पर खानापूर्ति कर कार्य को इतिश्री समझ लेते हैं. इस बार भी धर्मपुर में गुरुवार को कार्य के दौरान मिस्त्री की हुई मौत के बाद कंपनी के अभियंता जांच के नाम पर कोरम पूरा करते हुए एटूजेड के संवेदक पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए थाने में आवेदन दे चुके हैं. विद्युत कंपनी से जुड़े मानव बलों की माने तो फीडरों का शट डाउन कार्य अवधि में ले लिया जाता तो मिस्त्री मो. लदन की जान बच सकती थी. वहीं धर्मपुर क्षेत्र के विद्युत संचरण व्यवस्था भी इस मौत के लिए कम दोषी नहीं हैं. बताते चलें कि धर्मपुर क्षेत्र के विभिन्न भागों में एक ही पोल पर एचटी व एलटी तार के माध्यम से विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था कई वषार्ें से है. वहीं धर्मपुर चौक के निकट से गुजर रहे 33 केवीए का विद्युत तार भी मानक से काफी नीचे है. विद्युत कंपनी से जुड़े अभियंताओं की माने तो जमीन से लगभग 20 से 25 फीट की ऊंचाई से 33 केवीए का तार ले जाना चाहिये. विद्युत कार्यपालक अभियंता विंध्याचल प्रसाद का कहना है कि कंपनी का सर्वे कार्य जारी है. जहां भी मानक के अनुरूप विद्युत संचरण व्यवस्था सुदृढ़ नहीं है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्थित की जायेगी.
शट डाउन होता तो नहीं होती मिस्त्री की मौत
एसडीओ ने दिया एटूजेड पर प्राथमिकी दर्ज करने का आवेदनसमस्तीपुर. विद्युत संचरण व्यवस्था दुरुस्त करने के दौरान अबतक आधा दर्जन मिस्त्रियों की मौत किसी न किसी लापरवाही के कारण हो चुकी है. प्रत्येक मौत के बाद विद्युत कंपनी के अभियंता जांच के नाम पर खानापूर्ति कर कार्य को इतिश्री समझ लेते हैं. इस बार भी […]
