फोटो संख्या : 28 फोटो कैप्सन : कथा श्रवण को लेकर उपस्थित श्रद्धालुमोहिउद्दीनगर. प्रखंडाधीन अन्दौर गांव में इन दिनों नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का श्रवण करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाव उमड़ रहा है. श्रीधामअयोध्या से पधारे कथावाचक श्री प्रभंजनानंद शरणजी महाराज ने कथा के तीसरे दिन कथावाचक, कथा का महात्म व श्रीराम अवतार के प्रसंगों को श्रताओं को श्रवण करायें. कथावाचक की चर्चा करते हुए महराज ने कहा भगवान शिव ने जगत के कल्याण के लिए समस्या रूपी जटा, इन जटायों से राम की भक्ति रूपी गंगा कंठ में सारे संसार के दुख को समाहित कर सदैव दुनिया के कल्याण की कामना की. ऐसे ही कथावाचक का स्वरूप होना चाहिए. रामभक्त के प्रथम लक्षण शिव से अनुरागात्मक संबंध होता है जो विश्वनाथ नहीं होगा वह रघुनाथ क्या होगा ? कथा के माध्यम से मनुष्य उद्देश्यपूर्ण जीवन की कला सिखता है. मानवता का संचार करती है कथा. कथा संतो ंके माध्यम से सुननी चाहिए. जिनमें निर्भिकता होती है. भक्तिमान से कथा श्रवण करने से भक्ति की प्राप्ति होती है. राम अवतार के अनोखे दृश्य प्रस्तुत किये गये. महराज के साथ आए कलाकारों ने विशिष्टता के साथ भजनों की प्रस्तुति की. मौके पर उमेश प्रसाद सिंह, दिनेश प्रसाद सिंह, मृत्यंुजय कुमार सिंह, चंद्रशेखर प्रसाद सिंह, सुदर्शन प्रसाद सिंह, शंकर सिपाही, जनार्दन सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे.
मानवता का संचार करती है कथा : प्रभंजनानंद
फोटो संख्या : 28 फोटो कैप्सन : कथा श्रवण को लेकर उपस्थित श्रद्धालुमोहिउद्दीनगर. प्रखंडाधीन अन्दौर गांव में इन दिनों नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का श्रवण करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाव उमड़ रहा है. श्रीधामअयोध्या से पधारे कथावाचक श्री प्रभंजनानंद शरणजी महाराज ने कथा के तीसरे दिन कथावाचक, कथा का महात्म व श्रीराम अवतार […]
