एकमुश्त कर प्रतीक की आड़ में राजस्व घोटाला

डीटीओ कार्यालय में दलाल व कर्मियों की मिली भगत से जारी है हेराफेरीसमस्तीपुर. समाहरणालय परिसर स्थित जिला परिवहन कार्यालय में इन दिनों कार्यरत कर्मियों की मिली भगत से वाहन मालिकों के साथ साथ दलालों की भी चांदी है. एक मुश्त कर प्रतीक व्यवस्था के माध्यम से बड़े पैमाने पर सरकारी राजस्व को चूना लगाया जा […]

डीटीओ कार्यालय में दलाल व कर्मियों की मिली भगत से जारी है हेराफेरीसमस्तीपुर. समाहरणालय परिसर स्थित जिला परिवहन कार्यालय में इन दिनों कार्यरत कर्मियों की मिली भगत से वाहन मालिकों के साथ साथ दलालों की भी चांदी है. एक मुश्त कर प्रतीक व्यवस्था के माध्यम से बड़े पैमाने पर सरकारी राजस्व को चूना लगाया जा रहा है. इसका खुलासा जिला मोटर व्यवसायी संघ के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह के द्वारा डीटीओ को प्रेषित पत्र में किया गया है. जानकारी के मुताबिक विगत अक्तूबर 14 में एक मुश्त कर प्रतीक योजना के तहत वाहन मालिकों को विभाग ने सुविधा प्रदान की थी. लेकिन, दलालों के चंगुल में फंसा डीटीओ कार्यालय में यह योजना सोने की अंडा देने वाली मुर्गी साबित हो रही है. बताते चलें कि एक मुश्त कर योजना के तहत मैजिक वाहन संख्या बीआर33एफ8797 के वाहन मालिक जब डीटीओ कार्यालय पहुंच टैक्स की गणना कर राशि की जानकारी प्राप्त करनी चाही तो कार्यालय के कर्मी ने गणना कर 28 हजार रुपये दलाल के माध्यम से जमा करने को कहा. जब कर प्रतीत संख्या 04995860 पर्ची दी गयी तो उसपर मात्र 9764 रुपये ही अंकित था वह भी 15 वर्षों के लिए. सही आंकलन किया जाये तो कार्यालय के द्वारा लगभग 18 हजार रुपये का गबन किया गया. विदित हो कि पूर्व में भी डीटीओ कार्यालय में चालान घोटाला उजागर हो चुका है. इसके तहत 49 लोगों पर प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी थी. डीटीओ अरुण कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है. जल्द ही जांच कर कार्रवाई की जायेगी.

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