सिंघिया. पिपड़ा कमलेश्वरी शतचंडी महायज्ञ में भागवत कथा का श्रवन करने पहुंचे श्रद्धालुओं से वृंदावन से आये जय श्री हरिजी महाराज ने कहा कि सत्संग का अर्थ सत्य के संग, संत के संग, जहां आदर्श का सच्चे चरित्र आचरण एवं सद्गुण, अंधकार से प्रकाश की ओर अच्चे मार्ग पर चलने की सीख दी जाती है़ इसके साथ ही महात्मा के संग भक्ति महारानी की उद्धार, जीव कल्याण, धुन्धकारी उद्धार पर महाराजजी ने कई प्रकार के उदाहरण देते हुए भक्तों के बीच ज्ञान की प्रकाश डाला़ वहीं वृंदावन से आये राश लिला दिखायी गयी जो कंश लीला तक चली़
कथा श्रवण में उमड़ने लगी श्रद्धालुओं की भीड़
सिंघिया. पिपड़ा कमलेश्वरी शतचंडी महायज्ञ में भागवत कथा का श्रवन करने पहुंचे श्रद्धालुओं से वृंदावन से आये जय श्री हरिजी महाराज ने कहा कि सत्संग का अर्थ सत्य के संग, संत के संग, जहां आदर्श का सच्चे चरित्र आचरण एवं सद्गुण, अंधकार से प्रकाश की ओर अच्चे मार्ग पर चलने की सीख दी जाती है़ […]
