समस्तीपुर: महाकुंभ 2025 के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समस्तीपुर मंडल द्वारा न सिर्फ कुंभ मेला स्पेशल ट्रेनों का सफल संचालन किया गया बल्कि अन्य सभी व्यवस्था भी प्रशासनिक सूझबूझ व उत्कृष्ट तरीके से की गई. डीआरएम विनय श्रीवास्तव ने बताया कि इस दौरान मंडल ने 40 विशेष ट्रेनों का परिचालन किया. इससे लगभग 1,25,000 से अधिक यात्रियों ने प्रयागराज के लिए यात्रा की. इस विशेष अभियान से रेलवे को 1.85 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है. 8 जनवरी से 25 फरवरी के दौरान मंडल से कुल 295635 अनारक्षित श्रेणी से यात्रियों ने यात्रा की. इनसे 5 करोड़ 61 लाख 20 हजार 35 रुपए राजस्व प्राप्त हुआ. इसी तरह उस अवधि के दौरान 59928 आरक्षित श्रेणी के यात्रियों ने यात्रा की. जिनसे कुल 3 करोड़ 82 लाख 94 हजार 623 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ. इस तरह मंडल को उस अवधि के दौरान कुल 3 लाख 55 हजार 562 यात्रियों से 9 करोड़ 44 लाख 14 हजार 658 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ.
विशेष टिकट काउंटर व होल्डिंग एरिया का निर्माण
प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए अलग से टिकट काउंटर और होल्डिंग एरिया बनाये गये थे. जहां पर यात्री ट्रेन पकड़ने से पहले रुक कर अपने ट्रेनों का इंतजार कर सकते थे. 10 फरवरी से मंडल कार्यालय में वॉर रूम की स्थापना की गई. जहां से मंडल के उच्च अधिकारी भीड़ प्रबंधन की लगातार निगरानी कर रहे थे. जयनगर, दरभंगा, सहरसा सहित प्रमुख स्टेशनों पर वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया. मंडल रेल प्रबंधक सभी व्यवस्थाओं की स्वयं निगरानी कर रहे थे. वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनन्या स्मृति भी लगातार सभी व्यवस्थाओं की निगरानी करती रही थी. इस दौरान मंडल के कुल 720 रेलवे कर्मियों को भीड़ नियंत्रण एवं यात्री सुविधा के लिए विभिन्न स्टेशनों पर तैनात किया गया था. नेपाल एवं अन्य क्षेत्रों से भी यात्रियों की भागीदारी की. जयनगर स्टेशन से पड़ोसी देश नेपाल के भी हजारों श्रद्धालुओं ने कुंभ स्पेशल ट्रेनों से यात्रा की. इसके अलावा मधेपुरा, सुपौल, अररिया, सहरसा सहित अन्य स्टेशनों से भी बड़ी संख्या में यात्री प्रयागराज पहुंचे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
