पूसा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय परिसर में पेंशनर समाज की पेंशन आदालत को स्थगित किये जाने को लेेकर एक बैठक आहूत की गयी . अध्यक्षता करते हुए संघ के अध्यक्ष डॉ शम्भू शरण ठाकुर ने कहा कि अभी तक विश्वविद्यालय पेंशनरों की समस्या के निदान के लिए पूर्व में गठित कमेटी को स्थगित करते हुए फरवरी 2013 से पेंशन अदालत आयोजिन करने का निर्णय लिया गया. विश्वविद्यालय में करीब 800 पेंशनरों की संख्या है, पेंशन अदालत के न्यायालय में लंबित एक भी केश का निबटारा नहीं किया जा सका वहीं कुलपति नवंबर 2014 से पेंशन अदालत को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है. इस प्रकार पेंशनरों की किसी समस्या की निदान के लिए चर्चा की अवसरों को समाप्त कर दिया गया है. पेंशनरों का लाखों रुपया बकाया रहने के कारण असाध्य रोग से पीडि़त पेंशनर बकाये राशि के आंशिक भुगतान के लिए भी मोहताज है. डॉ सिंह ने कहा काफी लंबे समय से पेंशनर-सह पूर्ववर्ती छात्र भवन के लिए मांग लंबित हंै. उनके ठहरने की कोई भी सुविधा नहीं है. खास कर तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय पेंशनरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है. इन्होंने विश्वविद्यालय निदेशक प्रशासन देवाशीष दत्ता से मिल कर लंबित मांगांे पर कार्रवाई का अनुरोध किया. बैठक में रामलगन राय, रतिलाला राय, रामउद्गार महतो, हरिवंश प्रसाद सिंह आदि उपस्थित थे.
विश्वविद्यालय से पेंशनर्स खफा
पूसा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय परिसर में पेंशनर समाज की पेंशन आदालत को स्थगित किये जाने को लेेकर एक बैठक आहूत की गयी . अध्यक्षता करते हुए संघ के अध्यक्ष डॉ शम्भू शरण ठाकुर ने कहा कि अभी तक विश्वविद्यालय पेंशनरों की समस्या के निदान के लिए पूर्व में गठित कमेटी को स्थगित करते हुए फरवरी […]
