समस्तीपुर : तेजी से विकास के साथ कदम मिलाना अच्छी बात है. लेकिन वहीं जब सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर देती है. तो यह विकास को विनाश की ओर ढकेल देती है. जिले में धराधर तेजी से बड़े भवनों व अट्टालिकाओं को निर्माण हो रहा है.
वहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी का निर्माण हो रहा है. वहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है. करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी चंद लाख रुपये सुरक्षा पर खर्च नहीं हो रहे है. इसने आखिरकार ऐसे विकास पर सवालिया निशान खड़ी कर रही है. अग्निशमन विभाग के तयशुदा नियम ऊंचे भवनों पर शिकंजा कसती है. दो तल्लों से ऊपर के भवन निर्माण में यह मानकें लागू होती है.
इसमें भवनों में आग के सुरक्षा के तमाम उपाय भवन में करने होते हैं. इसमें अग्निशमक यंत्र से लेकर पानी की उपलब्धता शामिल होती है. अधिकार अगलगी की घटनाएं शॉर्ट सर्किट से घटित होती है. इसलिए इसमें विद्युत तारों की गुणवत्ता का भी पैमाना होता है. सार्वजनिक जगह होने के कारण इन स्थानों में उचित निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए. परंतु कुछ भवनों को छोड़ दें तो अधिकतर में मानकों की अनदेखी हो रही है. इसके कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
