फोटो संख्या : 14* आधुनिक भारत में राष्ट्रवाद के विभिन्न आयाम विषयपर हुई चर्चा समस्तीपुर. समस्तीपुर कॉलेज में आयोजित पांच दिनी राष्ट्रीय सेमिनार के तीसरे दिन प्रथम सत्र में आधुनिक भारत में राष्ट्रवाद के विभिन्न आयाम विषय पर व्याख्यानमाला आयोजित की गयी. अध्यक्षता करते हुए प्राचार्या डा. मीना प्रसाद ने कहा कि आदि काल से ही हमारी संस्कृति साहित्य के पूरक थे. संस्कृत में हमें अपने होने का गौरव प्रदान करता है. आरसी कॉलेज सकरा के पूर्व प्राचार्य सह इतिहास के प्राध्यापक प्रो. राम एकबाल शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृत साहित्य ज्ञान का भंडार है. राष्ट्रवाद प्राचीन काल से ही भारतीय जन मानस में रहा है. महिला कॉलेज के इतिहास विभाग के प्राध्यापक डा. दशरथ तिवारी ने कहा कि राष्ट्रवाद को बचाकर रखने का भाव हमेशा आम आदमी ने वहन किया है. दूसरे सत्र में वातावरण में गिरावट पर भी चर्चा की गयी. बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के पीजी रसायनशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. एचसी राय ने कहा कि वातावरण को प्रभावित करने में मानव सबसे बड़ा जिम्मेदार है. जल, हवा व मिट्टी को प्रदूषित कर इसमें रासायनिक तत्वों को फैलाने का काम किया है. मौके पर प्रो. यूएसपी सिंह, डा. बीबी संडवार, राम शृंंगार चौधरी, डा. अजय कुमार सिन्हा, प्रो. एसएन तिवारी आदि मौजूद थे. प्राध्यापक डा. प्रभात कुमार ने बताया कि गुरुवार को भौतिकी, गणित और अर्थशास्त्र के शिक्षकों, शोधार्थी और छात्रों के द्वारा सेमिनार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए सेमिनार के विषय पर प्रकाश डालेंगे.
भारतीय संस्कृत साहित्य ज्ञान का भंडार : प्रो. शर्मा
फोटो संख्या : 14* आधुनिक भारत में राष्ट्रवाद के विभिन्न आयाम विषयपर हुई चर्चा समस्तीपुर. समस्तीपुर कॉलेज में आयोजित पांच दिनी राष्ट्रीय सेमिनार के तीसरे दिन प्रथम सत्र में आधुनिक भारत में राष्ट्रवाद के विभिन्न आयाम विषय पर व्याख्यानमाला आयोजित की गयी. अध्यक्षता करते हुए प्राचार्या डा. मीना प्रसाद ने कहा कि आदि काल से […]
