तीन वर्ष बाद भी नहीं मिला पासबुक

समस्तीपुर. डाक विभाग ग्राहक सुविधाओं के लिये कितना हितैषी है इस बात से समझी जा सकती है कि तीन वर्ष बाद भी ग्राहकों का पासबुक भी नहीं मिल सका है. मामला डाक शिविर में खुलवाये गये खाता का है. रहियारपुर कोची शाखा के लक्षमिनिया व रहियारपुर के ग्राहकों का खाता 2011 के अक्तूबर व नवंबर […]

समस्तीपुर. डाक विभाग ग्राहक सुविधाओं के लिये कितना हितैषी है इस बात से समझी जा सकती है कि तीन वर्ष बाद भी ग्राहकों का पासबुक भी नहीं मिल सका है. मामला डाक शिविर में खुलवाये गये खाता का है. रहियारपुर कोची शाखा के लक्षमिनिया व रहियारपुर के ग्राहकों का खाता 2011 के अक्तूबर व नवंबर माह मंे खोला गया था. डाक शिविर के माध्यम से यह खाता खोला गया था. इसमंे 800 ग्राहकों के बीपीएल व बचत खाता शामिल हंै. इन खातों को खाता संख्या तो आवंटित कर दी गयी है लेकिन संबंधित खाताधारकों को अब तक पासबुक नहीं मिला है. जिससे अपने ही खातों में ग्राहक लेन देन नहीं कर पा रहे हैं. इस बाबत संपर्क करने पर डाक विभाग के जनसंपर्क निरीक्षक शैलेश सिंह ने बताया कि इसके लिये डाकघर को आदेश दिया गया है. डाक शिविर में ऑन स्पॉट लोगों का खाता खोला गया था. उन्हें उनका पासबुक उपलब्ध कराया जाना चाहिए.

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