समस्तीपुर : कल्याणपुर के रतवारा पंचायत के मुखिया मो़ सफी हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने घटना में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस हत्याकांड के पीछे राजनीतिक प्रतिद्वंदिता की बात सामने आ रही है. एसपी विकास बर्मन ने शुक्रवार को मुफस्सिल थाना पर आयोजित प्रेस काॅन्फ्रेंस में इसका खुलासा किया.
राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में हुई रतवारा के मुखिया की हत्या
समस्तीपुर : कल्याणपुर के रतवारा पंचायत के मुखिया मो़ सफी हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने घटना में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस हत्याकांड के पीछे राजनीतिक प्रतिद्वंदिता की बात सामने आ रही है. एसपी विकास बर्मन ने शुक्रवार को मुफस्सिल थाना पर आयोजित प्रेस काॅन्फ्रेंस में […]

उन्होंने कहा कि मुखिया की अच्छी छवि उनके प्रतिद्वंदियों को खटक रही थी. पूर्व में भी आरोपियों ने मुखिया की हत्या के लिए डेढ़ लाख की सुपारी दी थी, लेकिन उस समय वे सफल नहीं हो पाये थे. लेकिन, 14 जनवरी की रात मुखिया सफी की हत्या करने में ये सफल हो गये. उन्होंने कहा कि घटना के बाद मृत मुखिया के पुत्र मो़ निराले के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गयी थी.
इसमें गांव के ही मो़ एखलाकुर रहमान, मो़ अख्तर राजा उर्फ फारूख, मो़ इश्तेयाक अहमद उर्फ मो़ राजू को आरोपित किया गया था. एसपी ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए सदर डीएसपी प्रितिश कुमार के नेतृत्व में मुफस्सिल थानाध्यक्ष विक्रम अचार्य, कल्याणपुर थानाध्यक्ष बृजकिशोर सिंह एवं अन्य पुलिस पदाधिकारियों की एक टीम बनायी गयी थी. टीम ने मात्र तीन दिनों में ही इस हत्याकांड का सफल उद्भेदन कर लिया है.
टीम ने दो नामजद अभियुक्त क्रमश: मो़ अख्तर रजा उर्फ फारूख एवं मो़ इश्तेयाक अहमद उर्फ राजू को गिरफ्तार किया है. एसपी के अनुसार पकड़े गये अभियुक्तों ने सुपारी किलर की मदद से इस घटना को अंजाम दिया है. एक वर्ष पूर्व भी मुखिया की हत्या के लिए पकड़े गये अभियुक्तों ने डेढ़ लाख की सुपारी दी थी. लेकिन उस समय वे सफल नहीं हो पाये थे. इस घटना में शामिल सुपारी किलर एवं अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम छापेमारी कर रही है.