समस्तीपुर : तीन सदस्यीय जांच कमेटी द्वारा दिये गये प्रतिवेदन को गंभीरता से लेते हुए डीएम शशांक शुभंकर ने डीइओ को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मोहनपुर के वार्डेन व संचालक को दोषी मानते हुए बीमा निगम से प्राप्त होने वाली राशि के बराबर राशि का भुगतान उक्त दोनों के वेतन से करने का आदेश दिया है. डीइओ ने भी डीपीओ एसएसए को राशि भुगतान करने का निर्देश दे दिया है.
राशि रहते नहीं कराया बीमा, अब सेलरी से दें राशि
समस्तीपुर : तीन सदस्यीय जांच कमेटी द्वारा दिये गये प्रतिवेदन को गंभीरता से लेते हुए डीएम शशांक शुभंकर ने डीइओ को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मोहनपुर के वार्डेन व संचालक को दोषी मानते हुए बीमा निगम से प्राप्त होने वाली राशि के बराबर राशि का भुगतान उक्त दोनों के वेतन से करने का आदेश दिया […]

बताते चलें कि विगत 29 अक्तूबर को प्रकाशित शीर्षक राशि रहते छात्रा का नहीं किया गया था ग्रुप बीमा खबर पर कार्रवाई करते हुए डीएम ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर रिपोर्ट तलब की थी.
जांच टीम ने जब इस मामले पर तहकीकात की तो परत दर परत सच्चाई से पर्दा हटना लगा. जांच टीम ने अपने रिपोर्ट में कहा है कि मृत छात्रा का बीमा बिहार शिक्षा परियोजना के निदेश एवं नियम के आलोक में नामांकन के पश्चात कराया जाना आवश्यक है. पंजी के अवलोकन से स्पष्ट हुआ कि मृत छात्रा सोनी कुमारी का बीमा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मोहनपुर के वार्डेन व संचालक द्वारा नहीं कराया गया है.
जांच टीम ने जब पूछताछ की तो वार्डेन द्वारा बतलाया गया कि बीमा कराए जाने संबंधित प्रतिवेदन अगस्त 2019 को ही समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय,समस्तीपुर में हस्तगत कराया जा चुका है. जब इस आशय का प्राप्ति रसीद की मांग की गयी तो नहीं दिखाया गया. जांच टीम की माने तो बीमा कराने के संबंध में ससमय पत्राचार वार्डेन व संचालक द्वारा नहीं किया गया.
विगत 16 अक्टूबर को ईलाज के लिए ले जाने के क्रम में केजीबीभी मोहनपुर की छात्रा की हुयी मौत पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया था. ज्ञात हो कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं का एक लाख चालीस हजार रुपए का बीमा किया जाता है. इस बीमा से दो वर्ष के अंदर आपात स्थिति में छात्राओं को मदद मिलती है.