समस्तीपुर : अगले वर्ष जनवरी माह से प्रीपेड मीटर जिले में लगने लगेंगे. ये मीटर भारत सरकार का उपक्रम ईईएसएल (एनर्जी एफिसिएंसी सर्विसेज लिमिटेड) अपने खर्च पर लगायेगा. बिजली कंपनी को मीटर खरीद मद में एक रुपये भी खर्च नहीं करने पडेंगे. शर्त यह है कि मीटर लगने के बाद बिजली कंपनी सभी उपभोक्ताओं के यहां लगे मीटरों का किराया ईईएसएल कंपनी को देगी.
जनवरी से लगेंगे प्रीपेड मीटर कराना होगा हर महीने रिचार्ज
समस्तीपुर : अगले वर्ष जनवरी माह से प्रीपेड मीटर जिले में लगने लगेंगे. ये मीटर भारत सरकार का उपक्रम ईईएसएल (एनर्जी एफिसिएंसी सर्विसेज लिमिटेड) अपने खर्च पर लगायेगा. बिजली कंपनी को मीटर खरीद मद में एक रुपये भी खर्च नहीं करने पडेंगे. शर्त यह है कि मीटर लगने के बाद बिजली कंपनी सभी उपभोक्ताओं के […]

इस माह के अंत में प्रीपेड मीटर में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीक विकसित हो जाएगी. बिजली खर्च की पल-पल की जानकारी उपभोक्ता अपने स्मार्ट फोन में मोबाइल ऐप डाउनलोड कर देख सकेंगे. फ्रांस की कंपनी इलेक्ट्रिसिटी डी फ्रांस प्रीपेड उपभोक्ताओं के लिए नयी तकनीक विकसित कर रही है. प्रीपेड मीटर अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित होगा.
जानकारी के मुताबिक नए उपभोक्ताओं को प्रीपेड मीटर लगाने के क्रम में सिक्योरिटी चार्ज भी नहीं देना पड़ेगा. वही पुराने उपभोक्ताओं को जब प्रीपेड मीटर लगाया जाएगा तो सिक्यूरिटी वापस कर दी जाएगी. लेकिन सिंगल फेज प्रीपेड मीटर का शुल्क 50 रुपए और थ्री फेज प्रीपेड मीटर का शुल्क 100 रुपए के साथ जीएसटी हर माह उपभोक्ताओं को देना होगा. अभी घरेलू उपभोक्ताओं को 20 रुपए हर माह लगे मीटर का शुल्क जमा करना होता है.
बिजली कंपनी पर बकाया का भार नहीं रहेगा: प्रीपेड मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को बिल भेजे जाने की कवायद खत्म होगी. बिजली कंपनी पर बकाया का भार नहीं रहेगा. वही प्रीपेड मीटर बंद होने से बिजली कंपनी की स्थापना मद में काफी राशि बचेगी. सभी बिजली बिल जमा करने के काउंटर बंद हो जाएंगे. प्रत्येक माह मीटरों के रीडिंग मद में खर्च होने वाली राशि की बचत होगी. उपभोक्ता टॉपअप राशि भरवाएंगे और बिजली का उपभोग करेंगे. पैसा समाप्त होने के बाद स्वत: बिजली कट जाएगी. सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड मीटर लगेगा.