परिजनों ने पैसे का लालच देकर पांच घंटे में बच्चे को कराया मुक्त
आरोपित को किया गिरफ्तार
वारिसनगर : थाना क्षेत्र के नवहट्टा गांव से शनिवार की संध्या सात वर्षीय बालक का अपहरण कर लिया गया. अपराधियों ने बच्चे की सकुशल रिहाई के एवज में सात लाख रुपये की फिरौती मांगी. परिजनों ने अपहर्ताओं को पैसे का लालच देकर पांच घंटे में बच्चे को उसके चंगुल से मुक्त करा लिया. इस संबंध में गांव के रंजीत कुमार ने प्राथमिकी दर्ज करायी है.
इसमें कहा है कि शनिवार की संध्या उसका पुत्र विराज कुमार दरवाजे पर खेल रहा था. अचानक वह लापता हो गया. खोजबीन के क्रम में पता चला कि बच्चे को गांव के ही रामसेवक महतो के पुत्र रोहित कुमार के साथ देखा गया है. जब उसके पता किया तो वह वहां नहीं मिला. रात नौ बजे पता चला कि पुत्र को रोहित समेत गांव के ही उमाशंकर सिंह का पुत्र विकाश कुमार व बोम बहादुर सिंह का पुत्र राजू कुमार ऊर्फ बुट्टन व एक अन्य ने मिलकर अपहरण कर लिया है. इस बीच रोहित ने उसके पड़ोसी अखिलेश कुमार के मोबाइल पर फोन कर बच्चे को मुक्त करने के एवज में सात लाख रुपये की मांग करते हुये मथुरापुर ओपी के रामनगर गांव बुलाया.
वहां पहुंचकर रोहित के मोबाइल पर पैसे लेकर आने की बात कही. तब रामनगर स्थित अमित कुमार पूर्वे के मकान पर बुलाया गया. वहां पहुंचने पर एक कोठरी में पुत्र व उसके साथ एक युवक को पाया. जहां उसे पकड़कर पूछताछ की तो उसने अपना नाम समस्तीपुर नगर थाना के काशीपुर वार्ड संख्या सात निवासी स्व. उमेश राम का पुत्र सोनू कुमार बताया.
जिसे पकड़कर वारिसनगर थाने को फोन किया गया. जहां से थानाध्यक्ष प्रसुनजय कुमार ने दोनों को अपने कब्जे में लिया. थानाध्यक्ष ने बताया कि पकड़े गये सोनू ने बताया कि नवहट्टा गांव के दो युवक बच्चे की देखरेख करने की बातें कर कुछ देर पहले यहां से निकले हैं. पुलिस ने रात में छापेमारी कर रोहित को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया. रविवार को पकड़े गये दोनों युवकों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
