रोसड़ा : कहते हैं कि हर व्यक्ति में कोई न कोई प्रतिभा जरूर होती है. इसी को चरितार्थ किया है रोसड़ा के शिव कुमार साह ने. गरीबी में पले बढ़े मिर्जापुर के 28 वर्षीय युवक स्व रामोतार साह के पुत्र शिव कुमार साह 10 वर्षों से झाड़ू बना रहे हैं. इससे पहले वह पत्तल बनाते थे. जब सखुआ के पत्ता से बने पत्तल की मांग खत्म हो गयी, तब उसके घर की माली हालत खराब हो गयी.
इसके बाद शिव कुमार समस्तीपुर में सड़क किनारे झाड़ू बनाने वालों से मिले. इसके बाद उन्होंने झाड़ू बनाने के व्यवसाय में उतरने का फैसला किया. शिव ने सबसे पहले रोसड़ा के कुछ व्यवसायियों से संपर्क किया जिनसे उन्हें झाड़ू का ऑर्डर मिला. ऑर्डर मिलने के बाद उन्होंने झाड़ू निर्माण शुरू किया. शिव ने बताया कि उनके झाड़ू बनाने से पहले दुकानदार कोलकाता से झाड़ू मंगवाते थे. अब उन्हीं से खरीदते हैं.
