मोरवा : वादा तो किया था शादी के बाद संग रहकर हंसी-खुशी के साथ जिंदगी बिताने का, लेकिन उसका यह मंसूबा पूरा न हो सका. एक ओर जहां घर में नयी बहू के आने से ससुरालवाले खुश हैं. वहीं, बेटे के जेल जाने का गम सता रहा है. भारी अदालत में लड़की ने अपने पति के साथ ही रहने की इच्छा जतायी और उसे अनुमति भी मिल गयी.
लेकिन उसके पति को सलाखों के पीछे भेजने का फरमान जारी हुआ. सामाजिक माहौल न बिगड़े और समाज पर इसका दुष्प्रभाव न पड़े इसलिए प्रशासन ने उसे जेल भेजने में ही भलाई समझी. उस पर कार्रवाई की गयी. मामला हलई ओपी क्षेत्र के सारंगपुर पूर्वी पंचायत से जुड़ा है. ओपी अध्यक्ष संदीप पाल ने बताया कि करीब एक सप्ताह पूर्व एक युवक ने अपने रिश्ते में बहन को ही लेकर दिल्ली में जाकर शादी रचा ली.
लड़की की मां के द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई. पुलिस का दबाव पड़ा, तो रविवार की रात्रि को उसने पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया. पुलिस ने बताया कि हालांकि दोनों युगल बालिग हैं फिर भी सामाजिक वातावरण को ध्यान में रखते हुये लड़के को जहां जेल की सजा मिली जबकि न्यायालय में अपनी स्वीकारोक्ति के बाद उसे ससुराल में रहने की अनुमति मिल गयी है.
