15 दिनों के अंदर होगा पारस्परिक स्थानांतरण मामले का निबटारा
कर्मचारियों को एक ही दिन में मिल जायेगा भविष्य निधि विवरण
समस्तीपुर : रेल कर्मचारियों को अपनी समस्याओं का समाधान के लिये अब कार्यालय का चक्कर नहीं काटना होगा. कर्मचारियों को अपनी समस्याओं का तय समय में निदान मिल जायेगा. रेलवे ने कर्मचारियों की समस्या को देखते हुये रेलवे चार्टर की व्यवस्था की है. इससे कर्मचारियों की समस्या जल्द से जल्द हल हो सकेगी.
इसमें हर कार्य के लिये समय-सीमा तय कर दी गयी है. अगर तय समय में कर्मचारियों को उनकी समस्याओं का निदान नहीं मिलता है तो उन्हें आला अधिकारियों के पास अपील करने का अधिकार मिल जायेगा.
जानकारी मिली है कि विभिन्न प्रकार के पोर्टल जैसे सिंगल विण्डो सेल, सीपी ग्राम निवारण, पुनर्निधारण वरीयता, एमएसीपी बकाया, प्रोन्नति आदि की शिकायत व प्रतिवेदनों का आवेदन प्राप्ति के 30 कार्य दिवस के अंदर निबटारा करना होगा.
अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का निष्पादन मंडल स्तर पर मामलों को 90 दिन तो जिन मामलों में मुख्यालय की स्वीकृति होगी उसमें 60 दिन मंडल में व 30 दिन मुख्यालय के लिये समय-सीमा तय की गयी है. इसी तरह बकाया निपटारे के भुगतान के लिये 60 दिन, पारस्परिक स्थानांतरण सहित अनुरोध पर किये गये स्थानांतरण के मामले में आवेदन के 15 दिनों के अंदर निबटारा किया जायेगा. नहीं तो आवेदन को अग्रसारित या फिर मामले को अस्वीकार कर दिया जायेगा.
विभिन्न प्रकार के अग्रिमों, लोन की स्वीकृति आवेदन के 7 दिन व स्वीकृत पश्चात लोन व बकाय का भुगतान अगले वेतन चक्र में वेतन के साथ होगा. भविष्य निधि निकासी के लिये 7 कार्य दिवस के अंदर स्वीकृति व इसके सात दिन के अंदर भुगतान की समय सीमा तय की गयी है. इसी तरह भविष्य निधि विवरण जारी करने के लिये उसी दिन, उच्च शिक्षा, संपत्ति लेन देन, पासपोर्ट, प्रतिनियुक्ति हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र के ऐसे मामले जिसमें सतर्कता मुक्तता जरुरी नहीं है वहां आवेदन से 14 दिनों के अंदर व अन्य मामलों में 30 दिन की अवधि तय की गयी है.
