कैंसर, मधुमेह सहित कई बीमारियों की मिलेंगी दवाएं

समस्तीपुर : जिले की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवा एवं नि:शुल्क दवा उपलब्ध कराने की दिशा में एक नया कदम उठाया गया है़ राज्य सरकार ने टेक्निकल कोर कमेटी की... अनुशंसा पर आवश्यक औषधियों की सूची (इडीएल) में बड़ा संशोधन किया है़ इसमें कई कम महत्वपूर्ण दवाओं को हटा कर नयी आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 6, 2018 5:05 AM

समस्तीपुर : जिले की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवा एवं नि:शुल्क दवा उपलब्ध कराने की दिशा में एक नया कदम उठाया गया है़ राज्य सरकार ने टेक्निकल कोर कमेटी की

अनुशंसा पर आवश्यक औषधियों की सूची (इडीएल) में बड़ा संशोधन किया है़ इसमें कई कम महत्वपूर्ण दवाओं को हटा कर नयी आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं को शामिल किया गया है़ अब सरकारी अस्पतालों में कैंसर व मधुमेह
समेत कई गंभीर बीमारियों की दवा मरीजों को नि:शुल्क मिलेगी़ आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इसको लेकर सभी जिले के जिला स्वास्थ्य समिति व मेडिकल कॉलेजों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये हैं. जल्द ही मरीजों को संशोधित सूची के अनुसार दवा उपलब्ध करायी जायेगी़ संस्थान के अनुसार दवाओं की संख्या निर्धारित की गयी है.
संशोधन सूची के अनुसार दवाएं
अस्पताल ओपीडी (दवाओं की संख्या) इमरजेंसी (दवाओं की संख्या)
सदर अस्पताल 71 96
अनुमंडलीय 58 65
रेफरल 55 59
सामुदायिक 55 59
पीएचसी 50 34
एपीएचसी 50 34
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कर्मचारी को ट्रांसफर की मिली सूचना
डीएओ-कर्मी विवाद के बाद दोपहर बाद कर्मी अमित कुमार के ट्रांसफर की सूचना कृषि कार्यालय में पहुंची. अमित कुमार ने बताया कि अभी दरभंगा से फोन पर जानकारी दी गयी है कि मेरा ट्रांसफर दरभंगा कर दिया गया है. इस सूचना के कृषि कार्यालय में पहुंचते ही एक बार फिर से वहां का माहौल गर्म हो गया है.
पिता की गलती, बीमार बच्चे को मिली सजा
नर्स की फोटो खींचने के कारण हुआ विवाद
परिजनों की मानें तो घटना के पीछे का कारण कुछ और ही था़ परिजनों के अनुसार, बुधवार को उसके बच्चे की सही तरीके से वार्ड की नर्सें देखभाल नहीं कर रही थी़ इसी को लेकर उस बच्चे के पिता ने शिकायत करने के उद्देश्य से एक नर्स की फोटो खींच ली थी़ इसको लेकर बुधवार की शाम काफी हंगामा हो गया था़ उस समय नर्स का आरोप था कि उस युवक ने गलत नियत से उसकी फोटो खींची थी़ हालांकि, इसके पीछे की सच्चाई जो भी हो लेकिन उसका खामियाजा बीमार बच्चे को भुगतना पड़ा़