Road Tragedy: नवहट्टा (सहरसा). निर्माणाधीन पुलिया के समीप पानी भरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चियों की मौत के बाद तटबंध के अंदर की बदहाल सड़क व्यवस्था उजागर हो गई. सड़क की खराब हालत के कारण कोई वाहन घटनास्थल तक नहीं पहुंच सका. इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों बच्चियों के शव कंधे पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया, जहां से पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सहरसा भेजा गया.
एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी घटनास्थल
ग्रामीणों के अनुसार सड़क पूरी तरह जर्जर होने और जगह-जगह कीचड़ एवं जलजमाव रहने के कारण एंबुलेंस घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकी. मजबूरी में परिजनों और ग्रामीणों को दोनों बच्चियों के शव करीब 8 से 10 किलोमीटर तक पैदल कंधे पर लेकर चलना पड़ा.
वर्षों से बदहाल हैं तटबंध के अंदर की सड़कें
स्थानीय लोगों ने बताया कि तटबंध के अंदर की अधिकांश सड़कें वर्षों से बदहाल हैं. यहां बीमार लोगों को आज भी खाट, बैलगाड़ी या अन्य अस्थायी साधनों से मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है. कई स्थानों पर सड़क इतनी खराब हो चुकी है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है.
ग्रामीणों ने उठाए व्यवस्था पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार विकास और आधुनिक सुविधाओं की बात करती है, लेकिन तटबंध के अंदर रहने वाले हजारों लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. सड़कों पर घुटने भर कीचड़, बड़े गड्ढे और जलजमाव के कारण रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है.
बेहतर सड़क और सुरक्षित डायवर्सन की मांग
Road Tragedy: गोविंदपुर वार्ड संख्या-पांच निवासी नंदन यादव की दोनों मासूम बेटियों की मौत के बाद ग्रामीणों ने कहा कि यदि सड़कें बेहतर होतीं और निर्माणाधीन पुलिया के पास सुरक्षित डायवर्सन बनाया गया होता तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था. लोगों ने तटबंध के अंदर की सड़कों का शीघ्र निर्माण कराने, सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने तथा निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय करने की मांग की है.
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