मां सरस्वती की प्रतिमा पर चढ़ने लगा रंग, निर्माण कार्य में आयी तेजी

आगामी 23 जनवरी को होने वाले सरस्वती पूजा को लेकर शहरी क्षेत्र में बड़ी संख्या में माता सरस्वती की प्रतिमाओं को अंतिम रूप कलाकारों दिया जा रहा है.

By Dipankar Shriwastaw |

सरस्वती प्रतिमा को अंतिम रूप दे रहे कलाकार

सहरसा. आगामी 23 जनवरी को होने वाले सरस्वती पूजा को लेकर शहरी क्षेत्र में बड़ी संख्या में माता सरस्वती की प्रतिमाओं को अंतिम रूप कलाकारों दिया जा रहा है. शहरी क्षेत्र से बंगाल एवं अन्य जिलों से आये कलाकारों द्वारा शहर के विभिन्न जगहों पर प्रतिमाओं का निर्माण किया जा रहा है. सरस्वती पूजा को लेकर शहर से लेकर गांवों में माता सरस्वती की प्रतिमा का निर्माण अंतिम चरण में है. खर, पुआल पर मिट्टी के लेप से रंग भी मूर्तिकार द्वारा चढ़ाये जाने लगा है. मूर्तियों को नयी भाव भंगिमाओं के साथ करीने से गढ़ने का कार्य कारीगर कर रहे हैं. कारीगर मिट्टी की जीवंत मूर्तियां तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते. अब जबकि समय काफी कम बचा है, मूर्तिकार पूजा से पूर्व सभी प्रतिमा की तैयारी जोर शोर से करने लगे हैं. सरस्वती पूजा का समय नजदीक आता देख मूर्तिकार द्वारा जल्द से जल्द प्रतिमा निर्माण कार्य में दिन रात जुटे हुए हैं.

महंगाई के बाद भी मूर्ति की मांग में कमी नहीं

सरस्वती पूजा शहरी क्षेत्र की कौन कहे गांव-गांव, गली-गली में इसे बच्चे, युवाओं द्वारा बड़े उत्साह से मनाया जाता है, जिससे अधिकाधिक मूर्तियों की बिक्री होती है, जिसे देख मूर्तिकार द्वारा भी अधिकाधिक मूर्ति का निर्माण किया जा रहा है. बढ़ी महंगाई से इस बार प्रतिमा के दाम भी काफी बढ़ गये हैं. इसके बाद भी मूर्ति की एडवांस बुकिंग शुरू है. लोग छोटे, बड़े मूर्तियों को पसंद कर अग्रिम राशि भी जमा कर रहे हैं. इसलिए अधिकांश मूर्ति स्थलों पर युवा टोली की सुबह शाम भीड़ रहती है. शहर में उद्योग विभाग के निकट, बड़ी दुर्गा मंदिर परिसर, पंचवटी चौक, प्रशांत सिनेमा दुर्गा मंदिर सहित एक दर्जन से अधिक जगहों पर मूर्ति निर्माण कार्य अंतिम चरण में है. इधर श्रद्धालुओं द्वारा भी पूजा अर्चना के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गयी है. उद्योग विभाग के निकट मूर्ति निर्माण कर रहे मधेपुरा भेलवा के कारीगर गरीब पंडित ने कहा कि दिन रात प्रतिमा निर्माण कार्य में तल्लीन हैंं. उन्होंने कहा कि प्रतिमा निर्माण कार्य उनका पुश्तैनी धंधा है. वे पिछले 20 वर्षो से विभिन्न देवी देवताओं की प्रतिमा का निर्माण करते हैं. इस बार थोड़ी महंगाई है. लेकिन 2100 से छह हजार तक की उन्होंने यहां प्रतिमा तैयार की है. 100 से अधिक मूर्तियों का निर्माण किया गया है. यह सभी प्रतिमाओं की अग्रिम बुकिंग हो चुकी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Dipankar Shriwastaw

Dipankar Shriwastaw

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >