चातुर्मास के आगमन के साथ सनातन धर्म के पर्व-त्योहारों की श्रृंखला शुरू हो जाती है. सावन मास जहां शिवभक्ति से सराबोर रहता है, वहीं सावन पूर्णिमा के आसपास रक्षाबंधन के साथ भगवान श्रीराधा-कृष्ण के झूलनोत्सव की भी विशेष धूम रहती है. शहर के शंकर चौक स्थित रामजानकी ठाकुरबाड़ी और महावीर चौक स्थित महावीर मंदिर परिसर में इन दिनों झूलनोत्सव पूरे भक्ति भाव और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. आकर्षक ढंग से सजाये गये मंदिर और झूले श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.
सावन शुक्ल तृतीया से पूर्णिमा तक चलता है उत्सव
शंकर चौक ठाकुरबाड़ी के व्यवस्थापक रंजीत दास ने बताया कि सावन शुक्ल तृतीया से पूर्णिमा तक झूलनोत्सव मनाने की परंपरा है. इस दौरान भगवान लड्डू गोपाल को आकर्षक ढंग से सजाये गये झूले पर विराजमान कराया जाता है.
प्रतिदिन भगवान का नित्य नया श्रृंगार किया जाता है. अलग-अलग झांकियां सजायी जाती हैं और भगवान को विभिन्न प्रकार के वस्त्र एवं आभूषणों से सजाया जाता है. बदलते श्रृंगार और झांकियों को देखने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं.
भक्त खुद भगवान को झूला झुलाकर मांग रहे मनोकामना
झूलनोत्सव की सबसे खास परंपरा श्रद्धालुओं द्वारा भगवान को झूला झुलाना है. मंदिर पहुंचने वाले भक्त बारी-बारी से भगवान लड्डू गोपाल को झूला झुलाते हैं और उनकी मनोहारी छवि का दर्शन करते हैं.
मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जा रहा है. भगवान को प्रतिदिन माखन-मिश्री सहित विभिन्न व्यंजनों का भोग लगाया जाता है. इसके बाद आरती और प्रसाद वितरण किया जाता है. रक्षाबंधन तक मंदिर में यह भक्तिमय क्रम जारी रहने की बात बतायी गयी है.
अलग-अलग झांकियां बन रही आकर्षण का केंद्र
ठाकुरबाड़ी में झूलनोत्सव को खास बनाने के लिए विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियां भी तैयार करायी गयी हैं. आकर्षक सजावट, रंग-बिरंगी रोशनी और सजे हुए झूलों के बीच भगवान के दर्शन श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति करा रहे हैं.
शाम के समय मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ जाती है. भजन-कीर्तन और आरती के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है.
महावीर मंदिर में भी राधा-कृष्ण का मनमोहक शृंगार
महावीर चौक स्थित महावीर मंदिर में भी झूलनोत्सव को लेकर विशेष सजावट की गयी है. मंदिर में सजे झूले पर विराजमान राधा-कृष्ण की मनमोहक छवि श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही है.
मंदिर के पंडित के अनुसार हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी झूलनोत्सव का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया है. यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु दर्शन-पूजन के साथ भगवान को झूला झुलाकर परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं.
सावन पूर्णिमा तक मंदिरों में बना रहेगा भक्तिमय माहौल
रक्षाबंधन और सावन पूर्णिमा के अवसर पर झूलनोत्सव का उत्साह और बढ़ गया है. मंदिरों में सुबह से श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है. भगवान के श्रृंगार, झांकियों और झूला दर्शन के लिए लोग परिवार के साथ पहुंच रहे हैं.
झूलनोत्सव ने सावन के भक्तिमय माहौल में एक अलग रंग भर दिया है. राधा-कृष्ण के सजे झूले, भजन-कीर्तन और आरती से शहर के दोनों प्रमुख मंदिरों में श्रद्धा और उल्लास की अनूठी छटा देखने को मिल रही है.
