सहरसा से लाल बहादुर की रिपोर्ट: जिले के महिषी और सौरबाजार प्रखंड के स्कूलों में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) में सांप मिलने और सैकड़ों बच्चों के बीमार होने की गंभीर घटना के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. शनिवार को एडीएम विभागीय जांच गणेश कुमार के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम ने सत्तरकटैया प्रखंड के मेनहा स्थित एनजीओ के केंद्रीय रसोईघर का औचक निरीक्षण किया.
खाद्य सामग्री के लिए गए सैंपल, गुणवत्ता पर सवाल
भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर दलित उत्थान एवं शिक्षा समिति द्वारा संचालित इस रसोईघर में एडीएम के साथ बीडीओ सह बीईओ रोहित कुमार साह और सीओ शिखा सिंह भी पहुंचीं. अधिकारियों ने मौके पर तैयार हो रहे भोजन के साथ-साथ वहां रखे चावल, दाल, सब्जी और मसालों की गुणवत्ता परखी. जांच टीम ने उपयोग में लाई जा रही सामग्रियों का सैंपल भी लिया ताकि उनकी लैब में जांच कराई जा सके.
साफ-सफाई को लेकर सख्त चेतावनी
निरीक्षण के दौरान रसोईघर में स्वच्छता के मानकों की भी बारीकी से जांच की गई. एडीएम ने एनजीओ संचालक को दो टूक लहजे में कहा कि भोजन बनाने और उसके वितरण के दौरान निर्धारित मानकों का हर हाल में पालन होना चाहिए. इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस दौरान पंचायत समिति सदस्य कृष्ण कुमार उर्फ माखन यादव और मुखिया प्रतिनिधि संजय साह भी मौजूद रहे, जिन्होंने भोजन की गुणवत्ता को लेकर अपनी चिंताएं जताईं.
96 स्कूलों में यहीं से जाता है भोजन
जानकारी के अनुसार, सत्तरकटैया प्रखंड के 96 प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में इसी एनजीओ के माध्यम से भोजन की आपूर्ति की जाती है. स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर पूर्व में भी कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन हालिया घटनाओं के बाद ही विभाग की नींद टूटी है. हाल के दिनों में बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े खिलवाड़ की घटनाओं ने जिले भर में हड़कंप मचा दिया है. प्रशासन अब जिले के सभी एनजीओ संचालित रसोईघरों की सघन जांच कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.
