अस्पताल में उपचार के बाद स्वस्थ्य हुए सभी बच्चे मामला सहुरिया पूर्वी पंचायत स्थित कन्या मध्य विद्यालय मुरचा का सौरबाजार .मध्याह्न भोजन खाने के बाद पांच दर्जन से अधिक बच्चे का स्वास्थ्य बिगड़ गया है. जिसके बाद शिक्षकों और अभिभावकों ने सभी बच्चों को अस्पताल पहुंचाया. जहां चिकित्सकों द्वारा उपचार के बाद सभी बच्चों को घर भेजा गया, घटना शुक्रवार को सौरबाजार थाना क्षेत्र के सहुरिया पूर्वी पंचायत स्थित कन्या मध्य विद्यालय मुरचा में घटित हुई है. घटना के बाद कुछ देर के लिए विद्यालय और अस्पताल में अफरातफरी का माहौल हो गया, जिसे स्थानीय पुलिस के सहयोग से नियंत्रित किया जा सका. बच्चों और अभिभावकों के अनुसार मध्याह्न भोजन खाते समय बच्चों की थाली में जहरीले सर्प का कांटा और शरीर का कुछ हिस्सा मिलने की बात बताई जा रही है. जिसके बाद बच्चों ने खाना छोड़कर इसकी शिकायत शिक्षकों से की. सभी बच्चों को अभिभावकों और शिक्षकों के सहयोग से अस्पताल लाया गया. जहां चिकित्सकों द्वारा उपचार के बाद सभी बच्चों को घर भेजा गया है, सभी सुरक्षित हैं. सूचना पर जिलाधिकारी दीपेश कुमार, पुलिस अधीक्षक हिमांशु, सदर एसडीओ श्रेयांश तिवारी, एसडीपीओ आलोक कुमार समेत सभी अधिकारियों ने समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के बाद जांच का आदेश दिया है और लापरवाही बरतने वाले पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन बच्चों और उनके अभिभावकों को दिया. चिकित्सकों के अनुसार कुछ बच्चों को पेट में दर्द और उल्टी की समस्या थी. जिसे दवा देकर ठीक कर दिया गया है. सभी बच्चे स्वस्थ हैं. अस्पताल में बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के बाद अधिकारियों ने संबंधित विद्यालय पहुंच कर वहां भी स्थितियों का जायजा लिया और भोजन का सैंपल इकट्ठा कर जांच के लिए ले गये. मालूम हो कि एक दिन पहले सहरसा जिले के महिषी प्रखंड स्थित एक विद्यालय में बच्चों को परोसे गए मध्याह्न भोजन में मरा हुआ सर्प निकला जिसके बाद बच्चों को सदर अस्पताल लाया गया था जिसे उपचार के बाद सुरक्षित सभी बच्चों को घर भेजा गया था. सौरबाजार प्रखंड में हुई इस तरह की दूसरी घटना के बाद अभिभावकों ने विद्यालय में मिलने वाले मध्याह्न भोजन खाने से बच्चों को मना कर दिया है. इससे पहले भी कई बार विभिन्न विद्यालयों में बच्चों ने मध्याह्न भोजन के चावल में कीड़ा होने, भोजन से बदबू आने समेत अन्य कई आरोप लगाकर बहिष्कार किया जा चुका है. बार बार शिकायत मिलने के बावजूद भी भोजन उपलब्ध कराने वाले एनजीओ पर कार्रवाई करने के बजाय आरोप लगाने वाले बच्चों और विद्यालय प्रबंधन पर गलत अफवाह फ़ैलाने की बातें कही जा रही है. सौरबाजार के अधिकांश विद्यालयों में बच्चों ने मध्याह्न भोजन खाना छोड़ दिया है और अभिभावकों और छात्र छात्राओं ने विद्यालय में हीं भोजन बनाने की व्यवस्था शुरू करने की मांग की है.
मध्याह्न भोजन खाने के बाद पांच दर्जन से अधिक बच्चे की हालत बिगड़ी
मध्याह्न भोजन खाने के बाद पांच दर्जन से अधिक बच्चे की हालत बिगड़ी
