Bihar News: (छत्री कुमार की रिपोर्ट) सौरबाजार थाना क्षेत्र की सहुरिया पंचायत स्थित कन्या मध्य विद्यालय मुरचा में आज यानि शुक्रवार को फिर, से मध्याह्न भोजन खाने के बाद एक दर्जन से अधिक बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई. बच्चों ने पेट दर्द, उल्टी और घबराहट की शिकायत की. जिसके बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. आनन-फानन में अभिभावकों और शिक्षकों की मदद से सभी बच्चों को सौरबाजार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.
भोजन में सांप का कांटा मिलने का आरोप
बच्चों और उनके अभिभावकों का आरोप है कि मिड-डे मील में जहरीले सांप का कांटा और शरीर का कुछ हिस्सा मिला था. बच्चों ने बताया कि खाना खाते समय उनकी थाली में संदिग्ध चीज दिखाई दी, जिसके बाद कई बच्चों की तबीयत खराब होने लगी.
हालांकि प्रशासन की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. लेकिन घटना के बाद इलाके में डर और नाराजगी का माहौल है.
एक दिन पहले बलुआहा स्कूल में भी हुई थी ऐसी घटना
इससे पहले गुरुवार को सहरसा जिले के महिषी प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय बलुआहा में भी मिड-डे मील खाने के बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी. देखते ही देखते स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. कई बच्चों ने उल्टी, पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत की थी .इसके बाद बच्चों को तुरंत महिषी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. जहां दो दर्जन से अधिक बच्चों का इलाज किया गया.
अभिभावकों में आक्रोश, स्कूल प्रशासन पर सवाल
बलुआहा स्कूल की घटना के बाद बच्चों और अभिभावकों ने आरोप लगाया था कि भोजन में किसी मृत जीव या सांप के बच्चे जैसी चीज दिखाई दी थी. लोगों का कहना है कि संदिग्ध भोजन खाने के बाद ही बच्चों की हालत बिगड़ी. घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंच गए और स्कूल प्रशासन व भोजन व्यवस्था पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा.
एनजीओ की भोजन व्यवस्था पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार बलुआहा स्कूल में मिड-डे मील की आपूर्ति एक एनजीओ के माध्यम से की जाती है, जो पहले से तैयार भोजन उपलब्ध कराता है. लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद इस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों के भोजन की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए.
जांच और कार्रवाई की मांग तेज
लगातार दो दिनों में सामने आए इन मामलों के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. प्रशासन ने भोजन के नमूनों की जांच कराने की बात कही है. फिलहाल स्वास्थ्य विभाग बच्चों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.
