श्री राम कथा के सातवें दिन हुआ श्री राम विवाह की कथा का वर्णन सहरसा . नगर निगम क्षेत्र के तिवारी टोला स्थित समाजसेवी कुमार अमरज्योति के आवास जायसवाल निकेतन में चल रहे श्री राम कथा के सातवें दिन सोमवार को आचार्य डॉ नवनीत ने श्री राम विवाह की कथा का वर्णन किया. कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. श्रद्धालुओं ने राम विवाह की कथा को सुनकर अपने आपको धन्य समझा. राम विवाह कथा सुनने के लिए श्रद्धालु सिर पर पगड़ी पहने नजर आये. कथा वाचक आचार्य डॉ नवनीत महाराज ने कहा कि श्रीराम के गुरु विश्वामित्र को संदेश मिला कि राजा जनक के महल में एक शिव धनुष है, जो सीता माता ने उठा लिया था. जब यह बात राजा जनक को पता चली तो उन्होंने सभी राज्यों के राजाओं को संदेश दिया जो भी राजा इस धनुष को उठा लेगा, उसी से सीता का विवाह होगा. यह सुनकर स्वयंवर में सभी राजा शामिल हुए एवं धनुष को उठाने का प्रयास किया. लेकिन उठा नहीं सके. यह सुनकर विश्वामित्र अपने शिष्य भगवान श्रीराम के साथ स्वयंवर में पहुंचे व भगवान श्रीराम ने अपने गुरू विश्वामित्र का आदेश पाकर धनुष को उठाकर तोड़ दिया. पंडाल श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा. सीता माता ने भगवान श्रीराम के गले में वरमाला डाल दी. इस प्रकार विवाह संपन्न हुआ. यह देख कर पंडाल में श्रद्धालुओं ने श्रीराम के जयकारे एवं सीता माता के जयकारों से पूरे पंडाल गूंजने लगा. वहीं भगवान श्रीराम के विवाह के उत्सव में श्रद्धालु झूमने लगे. मुख्य यजमान के रुप में शकुंतला देवी एवं जवाहर चौधरी थे. वहीं पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा माधव चौधरी ने आचार्य के साथ सभी संगठन सदस्यों को मिथिला के सम्मान शाॅल व पाग देकर सम्मानित किया. आरती में मुख्य यजमान के साथ शांति चौधरी एवं माधव चौधरी, सरिता जायसवाल एवं संजय चौधरी, ममता जायसवाल, संजय चौधरी, मनोरंजन सिंह ने संयुक्त रूप से आरती की. कार्यक्रम को सफल बनाने में विकास जायसवाल, ज्ञानू ज्ञानेश्वर, शशिभूषण सिंह, पिंटू तिवारी, रोशन कुंवर, तारिणी चौधरी, संतोष चौधरी सहित महिला शक्ति रूप में रीति जायसवाल, गुंजा जायसवाल, सोनी जायसवाल, कनक, वैष्णवी, शालनी जायसवाल, रिचा लगे रहे.
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