समय सीमा समाप्त होने के 9 महीने गुजरने के बाद भी सड़क का निर्माण अधूरा सोनवर्षाराज. प्रखंड क्षेत्र की विराटपुर पंचायत के बैसा महादलित टोला में आजादी के बाद पहली बार गत वर्ष सड़क बनना शुरू होते ही ग्रामीणों में खुशी की लहर छा गयी, लेकिन निर्माण कार्य की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के 9 महीने गुजरने के बाद भी सड़क का निर्माण अधूरा होने के साथ-साथ गांव तक नहीं पहुंच पायी है. ऐसे में इस वर्ष भी माॅनसून के छह माह तक बैसा के लोगों को नाव या फिर पगडंडियों का सहारा लेना पड़ेगा. बैसा महादलित टोला को आजादी के बाद अब तक सड़क की सुविधा नहीं मिल पायी है. यहां की आबादी करीब 6 सौ है. सड़क नहीं रहने से उन्हें पगडंडी एवं बारिश में नाव के सहारे आवागमन करना पड़ता है. वर्ष 2024 में ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा करीब 67 लाख की राशि से बीटी एवं पीसीसी सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने पर संवेदक सिद्धार्थ शंकर द्वारा बकायदा कार्य प्रारंभ किया गया. एकरारनामा के अनुसार उक्त सड़क का निर्माण कार्य जुलाई 2025 में ही संवेदक को पूरा कर लेना था. लेकिन 9 माह खत्म होने के बाद भी सड़क अधूरी है. हालांकि संवेदक ने जेएसबी कर दिया है, लेकिन बैसा टोला से पूर्व करीब 5 सौ मीटर तक कोई काम नहीं किए जाने से ग्रामीणों को पगडंडियों का ही सहारा है. इस बाबत कार्य प्रमंडल सिमरी बख्तियारपुर के कनीय अभियंता महेश कुमार ने कहा कि विभाग के पास राशि ही नहीं है. राशि उपलब्ध होने पर ही काम हो पायेगा.
अभी भी है बस पगडंडियों का ही सहारा
प्रखंड क्षेत्र की विराटपुर पंचायत के बैसा महादलित टोला में आजादी के बाद पहली बार गत वर्ष सड़क बनना शुरू होते ही ग्रामीणों में खुशी की लहर छा गयी
