Saharsa गौ वंश हत्या पर रोक लगाने के लिए चलाया हस्ताक्षर अभियान

हिंदुओं के महान आस्था का प्रतीक जन जन की पूज्य गो वंश हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने एवं राष्ट्रमाता का दर्जा देने को लेकर अभियान चलाया गया.

सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट Saharsa News : हिंदुओं के महान आस्था का प्रतीक जन जन की पूज्य गो वंश हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने एवं राष्ट्रमाता का दर्जा देने को लेकर सोमवार को शंकर चौक पर गौ सम्मान आह्वान के तहत हस्ताक्षर अभियान चलाया गया. जिसके बाद शंकर चौक से पदयात्रा निकाल आठ सूत्री मांगों की सूची राष्ट्रपति के नाम सदर एसडीओ को ज्ञापन सौंपा गया. आठ सूत्री मांग में संवैधानिक अधिदेश, गौ वंश को राष्ट्र आराध्या या राष्ट्रमाता घोषित करने, एकीकृत कानून बनाने, आर्थिक स्वावलंबन, बुनियादी ढांचा विकास, राजमार्ग सुरक्षा एवं चिकित्सा, शिक्षा एवं सामाजिक सुधार करने एवं एकीकृत चारा एवं गोचर संरक्षण नीति बनाने की मांग शामिल है. इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक रमेश कुमार सिंह एवं गौ संवर्धन प्रांत सह प्रमुख उमाशंकर खां ने बताया कि भारत एक धर्म प्रधान देश है. इस देश में गोवंश हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने एवं गाय को राष्ट्रीय दर्जा प्रदान कर राष्ट्र माता घोषित करने के साथ गोवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संपूर्ण देश में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है. देश के सभी जिलों एवं प्रखंड मुख्यालय में गोवंश सम्मान अभियान के तहत हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद की मूल भावना के अनुरूप अखिल भारतीय वेद लक्षणा गोवंश को राष्ट्रमाता, राष्ट्र आराध्या का संवैधानिक दर्जा प्रदान करने, केंद्रीय गोसेवा मंत्रालय की स्थापना एवं एकीकृत केंद्रीय कानून निर्माण के लिए संपूर्ण भारतवासियों का विनम्र निवेदन के साथ हस्ताक्षर अभियान चलाकर जागरूक किया जा रहा है. दिये आवेदन में राष्ट्रपति से कहा कि भूख, दुर्घटना, तस्करी एवं क्रूर वध के कारण आज गोवर्धन का प्रभाव क्षीण हो रहा है. हमारे पवित्र देशी गोवंश की संख्या निरंतर घट रही है. आपकी गोवर्धन परिक्रमा के बाद गौ प्रेमियों में पुनः गौ के वर्धन की नयी आस जगी है. यह अत्यंत विचारणीय विषय है कि भारतीय कृषि एवं ग्रामीण जीवन का प्राण कहा जाने वाली देशी गोवंश आज भी सड़कों एवं खेतों में अत्यंत कष्टप्रद स्थितियों में है. संविधान के अनुच्छेद 48 राज्य के नीति निदेशक तत्व के तहत यह स्पष्ट निर्देशित है कि राज्य कृषि, पशुपालन को आधुनिक एवं वैज्ञानिक प्रणालियों से संगठित करने का प्रयास करेगा. विशेष रूप से गायों, बछड़ों एवं अन्य दुधारू पशुओं के वध पर प्रतिषेध के लिए प्रभावी कदम उठाएगा. इस संवैधानिक अधिदेश की पूर्ण अनुपालना अखिल भारतीय स्तर पर एक समान केंद्रीय नीति के अभाव में आज भी एक अपरिहार्य आवश्यकता है. इस अवसर पर मोहन चौधरी, एसके नायक, करण कुमार, मानस मिश्रा, पिंपल सिंह, मोनू सिंह, उत्सव वत्स, राजीव कुमार, सुभाष अग्रवाल, नवीन मिश्र, हरेराम कुमार सहित अन्य मौजूद थे.

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By MD. TAZIM

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