Saharsa News: रेलवे समपार फाटकों पर अक्सर जल्दबाजी, नियमों की अनदेखी और वाहनों के फंसने जैसी घटनाएं हादसों की वजह बनती रही हैं. इन्हीं जोखिमों को कम करने के लिए समस्तीपुर रेल मंडल ने CCTV आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने का फैसला किया है.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अगले महीने इस परियोजना के लिए टेंडर जारी होने की संभावना है. लगभग 66 लाख रुपये की लागत वाली इस योजना को छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
कैमरे लगने के बाद रेलवे फाटक पर होने वाली हर गतिविधि रिकॉर्ड होगी. इससे सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक मजबूत और प्रभावी होने की उम्मीद है.
रियल टाइम मॉनिटरिंग से तुरंत मिलेगी जानकारी
इस परियोजना की सबसे अहम विशेषता रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी.
सभी CCTV कैमरों को संबंधित रेलवे स्टेशनों से जोड़ा जाएगा, जहां से उन समपार फाटकों का संचालन होता है. स्टेशन मास्टर और अन्य अधिकारी बड़े मॉनिटर पर लाइव फीड देख सकेंगे.
इससे यह तुरंत पता चल सकेगा कि ट्रेन आने से पहले रेलवे फाटक समय पर बंद हुआ या नहीं. यदि किसी फाटक पर कोई वाहन फंस जाता है या कोई अन्य आपात स्थिति बनती है तो तत्काल कार्रवाई करना आसान होगा.
इसके अलावा रेलवे कंट्रोल ऑफिस में भी सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया जाएगा, जिससे पूरे नेटवर्क की निगरानी एक साथ की जा सकेगी.
152 रेलवे फाटकों को निगरानी नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी
समस्तीपुर रेल मंडल में कुल 152 रेलवे समपार फाटक हैं. इनमें कई प्रमुख और अत्यधिक व्यस्त फाटकों पर पहले से CCTV कैमरे लगे हुए हैं.
अब शेष सभी फाटकों को भी इस निगरानी प्रणाली से जोड़ने की तैयारी की जा रही है. रेलवे ने फाटकों का चयन उनके ट्रेन-व्हीकल यूनिट (TVU) यानी ट्रेन और सड़क यातायात के दबाव के आधार पर किया है. जहां जोखिम अधिक है, वहां निगरानी को प्राथमिकता दी जाएगी.
सहरसा के इन व्यस्त रेलवे फाटकों पर भी लगेंगे कैमरे
सहरसा शहर के कई महत्वपूर्ण रेलवे फाटक अभी CCTV निगरानी से बाहर हैं. इनमें गंगजला चौक रेलवे फाटक संख्या 32, सर्वा ढाला रेलवे फाटक संख्या 30, हटियागाछी रेलवे फाटक और शिवपुरी रेलवे फाटक शामिल हैं.
योजना पूरी होने के बाद इन फाटकों को भी कैमरों से जोड़ा जाएगा. इसके अलावा सहरसा-मानसी रेलखंड के करीब 14 समपार फाटकों पर भी सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की तैयारी की जा रही है.
दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम, जवाबदेही भी बढ़ेगी
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि CCTV सिस्टम केवल निगरानी का माध्यम नहीं होगा, बल्कि दुर्घटनाओं की रोकथाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
यदि कोई व्यक्ति बंद फाटक पार करने की कोशिश करता है, कोई वाहन ट्रैक पर फंस जाता है या किसी तरह की असामान्य गतिविधि होती है, तो उसकी जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंच सकेगी. इससे समय रहते कार्रवाई कर दुर्घटनाओं की संभावना कम की जा सकेगी.
तकनीकी निगरानी से रेलवे कर्मचारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी और फाटक संचालन की पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी.
Saharsa News: गरीब रथ एक्सप्रेस पांच घंटे देरी से पहुंची, यात्रियों को करना पड़ा लंबा इंतजार
रेलवे परिचालन पर रूट डायवर्जन का असर भी सोमवार को देखने को मिला. अमृतसर-सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब पांच घंटे की देरी से सहरसा जंक्शन पहुंची.
ट्रेन के देर से पहुंचने के कारण यात्रियों को स्टेशन पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा. खासकर दूर-दराज के यात्रियों को काफी परेशानी हुई.
रेलवे सूत्रों के अनुसार, रूट डायवर्ट होने के कारण ट्रेन का परिचालन प्रभावित हुआ. यही वजह रही कि ट्रेन निर्धारित समय पर सहरसा नहीं पहुंच सकी.
वहीं सहरसा से अमृतसर जाने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस भी करीब साढ़े तीन घंटे की देरी से रवाना होने की संभावना जताई गई है. रेलवे यात्रियों को ट्रेन की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेकर ही स्टेशन पहुंचने की सलाह दी जा रही है.
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