विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट.
Saharsa Weather Alert: सहरसा जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले चार दिनों से पड़ रही तेज धूप, उमस और गर्म हवाओं ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार 5 जून तक लोगों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है. इसके उलट आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे लू की स्थिति और गंभीर होने की आशंका है.
जून की शुरुआत में ही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी
मंगलवार को सहरसा का अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जून के शुरुआती दिनों में आमतौर पर इतनी गर्मी नहीं पड़ती, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज अलग नजर आ रहा है. सुबह से ही तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है और दोपहर होते-होते सड़कें लगभग सूनी हो जा रही हैं.
बिजली की आंख-मिचौनी ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. कई इलाकों में लोग हाथ पंखे के सहारे गर्मी से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं.
मानसून में देरी से बढ़ेगी मुश्किल
अगुवानपुर कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक अशोक पंडित के अनुसार इस वर्ष मानसून के बिहार पहुंचने में देरी हो सकती है. सामान्य तौर पर 14 जून तक मानसून बिहार में प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार इसके 20 जून के आसपास पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.
उन्होंने बताया कि अगले चार दिनों तक गर्म हवाएं और लू चलने की संभावना है. हालांकि 5 जून के बाद हल्की बारिश के संकेत मिल रहे हैं, जिससे तापमान में कुछ कमी आ सकती है.
बढ़ रही हैं गर्मी से जुड़ी बीमारियां
भीषण गर्मी का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है. अस्पतालों और क्लीनिकों में उल्टी, दस्त, डिहाइड्रेशन और पाचन संबंधी समस्याओं के मरीज बढ़ रहे हैं. बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर सबसे अधिक पड़ रहा है.
ग्रामीण चिकित्सक डॉ. आरबी ठाकुर ने कहा कि गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी है. अधिक से अधिक पानी, ओआरएस, छाछ, लस्सी और नींबू पानी का सेवन करना चाहिए. साथ ही ताजे फल और हल्का भोजन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है.
खानपान में बरतें विशेष सावधानी
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के दौरान जंक फूड, अत्यधिक तेल-मसाले वाले भोजन और कैफीनयुक्त पेय पदार्थों से बचना चाहिए. तरबूज, खीरा, आम, लीची, अंगूर और संतरा जैसे फलों का सेवन शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करता है.
धूप में निकलना जरूरी हो तो सिर ढककर निकलें और अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें. बच्चों को दोपहर के समय घर से बाहर खेलने न भेजें और फ्रिज का अत्यधिक ठंडा पानी पीने से बचें.
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