Saharsa News: सहरसा में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम के तहत बुधवार को शहर के दो विद्यालयों में विशेष स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन जागरूकता अभियान चलाया गया. इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को यह समझाया गया कि घर, स्कूल और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए कचरे का सही तरीके से पृथक्करण कितना जरूरी है.
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं था, बल्कि बच्चों में ऐसी आदत विकसित करना भी था जो आगे चलकर पूरे समाज में स्वच्छता की संस्कृति को मजबूत कर सके. नगर निगम का मानना है कि यदि स्कूल स्तर से ही बच्चों को कचरा प्रबंधन की सही शिक्षा दी जाए, तो भविष्य में शहरों और गांवों दोनों में स्वच्छता व्यवस्था अधिक प्रभावी हो सकती है.
किन विद्यालयों में चला जागरूकता अभियान
नगर निगम की ओर से यह विशेष अभियान वार्ड संख्या 30 स्थित कायस्थ टोला के राजेंद्र मध्य विद्यालय और वार्ड संख्या 32 स्थित वीर कुंवर सिंह विद्यालय में आयोजित किया गया.
दोनों विद्यालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के सामाजिक महत्व पर भी चर्चा की गई.
चार रंग के डस्टबिन का सही उपयोग सिखाया गया
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्रोत पर कचरा पृथक्करण की पूरी प्रक्रिया समझाई गई.
उन्हें बताया गया कि हरे डस्टबिन में गीला कचरा, नीले डस्टबिन में सूखा कचरा, लाल डस्टबिन में घरेलू खतरनाक कचरा और काले डस्टबिन में सैनिटरी अपशिष्ट डालना चाहिए.
नगर निगम के कर्मियों ने रंग-कोडित डस्टबिन के सही उपयोग के व्यावहारिक उदाहरण भी दिए, ताकि बच्चे इसे अपने दैनिक जीवन में आसानी से अपना सकें.
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर
अभियान के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों को यह भी बताया गया कि कचरे का सही पृथक्करण केवल सफाई का विषय नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, पुनर्चक्रण और सार्वजनिक स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है.
नगर निगम के प्रतिनिधियों ने समझाया कि यदि गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखा जाए, तो उसके निस्तारण और पुन: उपयोग की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होती है और शहर में प्रदूषण कम किया जा सकता है.
विद्यार्थियों ने ली स्वच्छता की शपथ
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने स्वच्छता एवं कचरा पृथक्करण की शपथ ली.
उन्होंने अपने विद्यालय, घर और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया. विद्यालयों में यह सामूहिक शपथ कार्यक्रम बच्चों में जिम्मेदारी और नागरिक चेतना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
Saharsa News: भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की पहल
नगर निगम की ओर से कहा गया कि आज के जागरूक विद्यार्थी ही भविष्य में स्वच्छ भारत के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे.
अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यालय स्तर से ही स्वच्छता की आदत विकसित करना, कचरा प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी देना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यापक जन-जागरूकता बढ़ाना है.
नगर निगम ने संकेत दिया कि ऐसे जागरूकता अभियान आगे भी विभिन्न विद्यालयों और सार्वजनिक संस्थानों में चलाए जाएंगे, ताकि स्वच्छता और कचरा पृथक्करण को जनआंदोलन का रूप दिया जा सके.
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