Saharsa News: बिहार के सांस्कृतिक रूप से समृद्ध मिथिलांचल के सहरसा जिले में लोक कलाओं और पारंपरिक सांस्कृतिक विधाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है. बनगांव स्थित मणितारा शिक्षा निकेतन के प्रांगण में आयोजित संस्कार भारती की साधारण सभा में क्षेत्र की विलुप्त होती लोक परंपराओं को नया जीवन देने और स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक चर्चा हुई. इस गरिमामय आयोजन ने न केवल स्थानीय कला जगत में नई ऊर्जा फूंकी है, बल्कि आने वाले दिनों में सहरसा को कला और संस्कृति का बड़ा केंद्र बनाने की मजबूत नींव रख दी है.
पाग-चादर से स्वागत और ध्येय गीत से गूंजा प्रांगण
समारोह की शुरुआत वैदिक परंपरा के अनुसार दीप प्रज्वलन और मिथिला की पावन संस्कृति के प्रतीक पाग को अतिथियों को पहनाकर की गई. कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत कलाकार समर शांडिल्य द्वारा प्रस्तुत ओजस्वी ध्येय गीत से हुई. इसके बाद जब स्थानीय बाल और युवा महिला कलाकारों ने मंच संभाला, तो पूरा प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. पल्लवी, प्रिया रानी, तनिषा प्रिया, दिव्यांशी, काव्या और रक्षा द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोक नृत्यों ने दर्शकों को मिथिलांचल की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर की सजीव झलक दिखाई. इन रंगारंग प्रस्तुतियों ने यह साबित कर दिया कि सही मंच और प्रोत्साहन मिले तो ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाएं अपनी कला का लोहा मनवा सकती हैं.
सहरसा में होगा मिथिला कला उत्सव का तीसरा संस्करण
इस साधारण सभा का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण आगामी आयोजनों की घोषणा रही. जिला महामंत्री रवि कुमार ने संगठन की वार्षिक गतिविधियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया, वहीं जिला कोषाध्यक्ष लक्ष्मी कुमारी ने आय-व्यय का पारदर्शी विवरण सामने रखा. बैठक के दौरान सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव रखा गया कि 'मिथिला कला उत्सव' के तृतीय संस्करण का भव्य आयोजन इस बार सहरसा की धरती पर कराया जाएगा. इस फैसले से स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और कला प्रेमियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है. इसके अतिरिक्त वंदेमातरम और देशभक्ति गीतों पर आधारित कार्यक्रमों की योजना भी साझा की गई. विधा संयोजक राज यादव, राहुल गौरव, ललन कुमार, दिव्यानन्द विद्यार्थी और अमन गौरव ने अपनी-अपनी कला श्रेणियों के आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी.
कला के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव की पहल
कार्यक्रम में मुख्य रूप से पहुंचे संस्कार भारती उत्तर बिहार प्रांत के महामंत्री सुरभित दत्त ने कला के सामाजिक सरोकारों पर गहराई से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि आज के दौर में कला सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक विमर्श स्थापित करने का सबसे सशक्त माध्यम है. संस्कार भारती पंच प्रण, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य और सामाजिक समरसता जैसे गंभीर विषयों को कलात्मक माध्यमों से जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि हर महीने आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के जरिए दूर-दराज के प्रतिभावान कलाकारों को संगठन से जोड़ने और उनकी कला को निखारने का काम किया जा रहा है.
Saharsa News: नई कार्यसमिति का गठन और वन्दे मातरम के साथ समापन
संगठन के विस्तार और जमीनी स्तर पर गतिविधियों को तेज करने के उद्देश्य से सहरसा जिला कार्यसमिति में नए पदाधिकारियों की घोषणा भी की गई. सामाजिक कार्यकर्ता रजनी खां को उपाध्यक्ष और रोहित झा को मंत्री मनोनीत किया गया. जिलाध्यक्ष डॉ अमित कुमार की अध्यक्षता और उपाध्यक्ष केसी ठाकुर के कुशल संचालन में आयोजित इस सभा में विद्यालय प्रबंधक एवं उपाध्यक्ष रजनी जनगण, रीता देवी, जिला मंत्री अंशु वर्मा सहित कई प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे. कार्यक्रम का ओजस्वी समापन विद्यालय की छात्राओं शुप्रिया श्री, प्राची प्रिया, राशि कुमारी और अनामिका वत्स द्वारा प्रस्तुत वंदेमातरम के पूर्ण गायन के साथ हुआ, जिसने उपस्थित सभी लोगों के मन में राष्ट्रप्रेम और अपनी संस्कृति के प्रति गर्व की भावना भर दी.
