Saharsa News: सहरसा के मॉडल सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. करोड़ों रुपये की लागत से बने मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (OT) की छत से बारिश का पानी टपकने के कारण मंगलवार को आंखों के सभी निर्धारित ऑपरेशन स्थगित करने पड़े. संक्रमण के खतरे को देखते हुए डॉक्टरों ने ऑपरेशन नहीं करने का फैसला लिया, जिससे कई मरीजों को बिना इलाज के वापस लौटना पड़ा.
हैरानी की बात यह है कि अस्पताल प्रबंधन को इस समस्या की जानकारी पहले से थी और इस संबंध में सिविल सर्जन को पत्र भी दिया जा चुका था. इसके बावजूद समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई. अब अस्पताल की आधारभूत संरचना और रखरखाव पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
ऑपरेशन बेड पर टपकने लगा पानी, बढ़ गया संक्रमण का खतरा
जानकारी के अनुसार लगातार बारिश के कारण ऑपरेशन थिएटर की छत पर पानी जमा हो गया. इसके बाद पानी फॉल्स सीलिंग से रिसकर सीधे उस ऑपरेशन बेड पर टपकने लगा, जहां मरीजों की आंखों का ऑपरेशन किया जाता है.
बारिश का पानी ओटी के फर्श तक फैल गया, जिससे पूरा ऑपरेशन थिएटर नम हो गया. ऐसी स्थिति में ऑपरेशन करना मरीजों के लिए जोखिम भरा माना गया और सभी सर्जरी स्थगित कर दी गईं.
कई मरीज लौटे वापस, कुछ को पहले ही दी गई थी सूचना
मॉडल सदर अस्पताल में प्रत्येक मंगलवार को नेत्र रोगियों के ऑपरेशन होते हैं. इस बार कुछ मरीजों को पहले ही ऑपरेशन स्थगित होने की सूचना दे दी गई थी, लेकिन कई मरीज जानकारी नहीं मिलने के कारण अस्पताल पहुंच गए.
ऑपरेशन रद्द होने से दूर-दराज से आए मरीजों और उनके परिजनों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा.
डॉक्टर बोले- सैनिटाइज ओटी में नमी होने पर नहीं हो सकता ऑपरेशन
ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों के अनुसार आंखों की सर्जरी से दो दिन पहले ऑपरेशन थिएटर को पूरी तरह सैनिटाइज किया जाता है. यदि ओटी में पानी रिसने लगे या नमी हो जाए तो संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मंगलवार को किसी भी मरीज का ऑपरेशन नहीं किया गया.
विकास मद में राशि होने के बावजूद मरम्मत नहीं होने पर सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अस्पताल को कायाकल्प प्रमाणीकरण और आयुष्मान भारत योजना के तहत विकास कार्यों के लिए राशि मिलने के बावजूद आवश्यक मरम्मत क्यों नहीं कराई गई.
स्वास्थ्य विभाग के प्रावधानों के अनुसार विकास मद की राशि का 70 प्रतिशत हिस्सा अस्पताल के आधारभूत ढांचे और विकास कार्यों पर खर्च किया जाना चाहिए. इसके बावजूद ऑपरेशन थिएटर जैसी महत्वपूर्ण जगह की मरम्मत नहीं होना प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है.
सिविल सर्जन बोले- बीएमएसआईसीएल को कई बार लिखा, कार्रवाई नहीं हुई
इस मामले पर सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद ने कहा कि ऑपरेशन थिएटर में रिसाव की समस्या को लेकर अस्पताल प्रशासन कई बार बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) को पत्र लिख चुका है.
उनके अनुसार भवन का निर्माण बीएमएसआईसीएल ने कराया था और मरम्मत भी उसी एजेंसी को करनी है. अस्पताल प्रशासन ने बिहार सरकार और संबंधित एजेंसी को कई बार पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.
उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन अपने स्तर पर केवल पत्राचार और रिमाइंडर भेज सकता है. निर्माण एजेंसी के हस्तक्षेप के बिना स्थायी समाधान संभव नहीं है.
Saharsa News: मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
बारिश के कारण ऑपरेशन थिएटर में पानी टपकने की घटना ने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर सीधा असर डाला है. यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो आंखों के अलावा अन्य ऑपरेशन भी प्रभावित हो सकते हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए मॉडल अस्पताल में इस तरह की समस्या सामने आना गंभीर मामला है. लोगों ने सरकार और संबंधित एजेंसी से जल्द मरम्मत कराकर स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य करने की मांग की है.
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