Saharsa News: खेल के मैदान में जीते गए पदक कभी-कभी सिर्फ सम्मान ही नहीं, बल्कि जीवन की दिशा भी बदल देते हैं. सहरसा के पैरा एथलीट मो. मेराज आलम इसकी जीवंत मिसाल बनकर सामने आए हैं. बिहार सरकार की 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' योजना के तहत सरकारी नियुक्ति मिलने के बाद सोमवार को जिला खेल कार्यालय, सहरसा में उनका सम्मान किया गया.
यह सम्मान केवल एक खिलाड़ी की उपलब्धि का उत्सव नहीं था, बल्कि जिले के हजारों युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरक संदेश भी था कि मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से खेल के क्षेत्र में पहचान बनाने के साथ सम्मानजनक रोजगार भी हासिल किया जा सकता है.
जिला खेल कार्यालय में हुआ सम्मान समारोह
जिला खेल भवन में आयोजित सम्मान समारोह में जिला खेल पदाधिकारी कुमारी तोसी ने मो. मेराज आलम को मिथिला की सांस्कृतिक पहचान 'पाग', चादर, मोमेंटो और पौधा भेंट कर सम्मानित किया.
इस दौरान उन्होंने मेराज आलम के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि सहरसा ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है.
शानदार प्रदर्शन के दम पर मिली सरकारी नौकरी
मो. मेराज आलम ने वर्ष 2016, 2017 और 2018 में आयोजित पैरा ओलंपिक एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया था.
उन्होंने 200 मीटर, 400 मीटर और रिले दौड़ स्पर्धाओं में सिल्वर और कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया. उनके इसी प्रदर्शन के आधार पर बिहार सरकार ने 24 जुलाई को पटना में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में उन्हें सरकारी नियुक्ति पत्र प्रदान किया.
'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' योजना का उद्देश्य उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को रोजगार के अवसर देकर उन्हें खेल के प्रति और अधिक प्रोत्साहित करना है.
जिला खेल पदाधिकारी ने क्या कहा?
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए जिला खेल पदाधिकारी कुमारी तोसी ने कहा कि मेराज आलम की सफलता यह साबित करती है कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के साथ-साथ अपने खेल कौशल के दम पर सम्मानजनक रोजगार भी प्राप्त कर सकते हैं.
उन्होंने उम्मीद जताई कि मेराज आलम की उपलब्धि से प्रेरित होकर जिले के अधिक से अधिक युवा खिलाड़ी खेलों में बेहतर प्रदर्शन करेंगे और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहरसा और बिहार का नाम रोशन करेंगे.
Saharsa News:खिलाड़ियों ने दी शुभकामनाएं
कार्यक्रम में जिला खेल कार्यालय के प्रधान सहायक महेंद्र राम, शारीरिक शिक्षक नीतीश मिश्रा, मो. मोनू, राहुल कुमार, दिलीप मंडल, योगेंद्र पंडित सहित खेल विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे.
सभी ने मेराज आलम को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. साथ ही जिले से अधिक संख्या में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए सामूहिक प्रयास करने पर भी जोर दिया.
खेल के जरिए युवाओं के लिए बड़ा संदेश
बदलते समय में खेल केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रह गया है. सरकार की विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं खिलाड़ियों को करियर और रोजगार दोनों के अवसर उपलब्ध करा रही हैं. मेराज आलम की सफलता इस बात का उदाहरण है कि यदि प्रतिभा को सही मंच और निरंतर मेहनत मिले, तो खेल के माध्यम से भी उज्ज्वल भविष्य बनाया जा सकता है.
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