पानी की बोतल कम इस्तेमाल करने की अपील, सहरसा जंक्शन पर चला जागरूकता अभियान

Saharsa news: अभियान के दौरान लोगों से कपड़े और जूट के बैग इस्तेमाल करने, दोबारा उपयोग होने वाली पानी की बोतल अपनाने तथा दैनिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल आदतें अपनाने की अपील की गई। कार्यक्रम का संचालन सहरसा जंक्शन पर सीएचआई चंदन कुमार चौहान की निगरानी में किया गया।

सहरसा से नीरज कुमार वर्मा की रिपोर्ट :

Saharsa news: विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के तहत सोमवार को सहरसा जंक्शन और रेलवे कॉलोनी परिसर में पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक मुक्त अभियान को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। इस दौरान यात्रियों, रेलकर्मियों और स्थानीय लोगों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक के नुकसान के बारे में जानकारी दी गई.

अभियान के दौरान लोगों से कपड़े और जूट के बैग इस्तेमाल करने, दोबारा उपयोग होने वाली पानी की बोतल अपनाने तथा दैनिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल आदतें अपनाने की अपील की गई. कार्यक्रम का संचालन सहरसा जंक्शन पर सीएचआई चंदन कुमार चौहान की निगरानी में किया गया.

सीएचआई चंदन कुमार चौहान ने यात्रियों से अपील करते हुए कहा कि यात्रा के दौरान घर से पानी की बोतल लेकर चलें और स्टेशन पर उपलब्ध वॉटर वेंडिंग स्टॉल का उपयोग करें. उन्होंने कहा कि जंक्शन पर बिकने वाली प्लास्टिक की पानी की बोतलों का उपयोग केवल विशेष परिस्थिति में ही एक बार के लिए करें.

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने कहा कि स्वच्छ और हरित पर्यावरण के लिए सभी लोगों की भागीदारी जरूरी है. यात्रियों को यह भी बताया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं है, बल्कि इसे रोजमर्रा की आदत बनाना जरूरी है.

बताया गया कि पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर विभिन्न रेलवे स्टेशनों और परिसरों में स्वच्छता, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं. रेलवे की ओर से यह विशेष जागरूकता अभियान 15 जून तक जारी रहेगा.

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Published by: Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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