मध्य विद्यालय में चला पौधरोपण अभियान, दिया पर्यावरण बचाने का संदेश

Saharsa news: इस दौरान छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने मिलकर विद्यालय परिसर में अशोक, कचनार सहित कई छायादार और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े पौधे लगाए. शिक्षकों ने अपने निजी सहयोग से पौधे खरीदकर बच्चों के साथ पौधरोपण किया.

सहरसा से प्रतिनिधि की रिपोर्ट:

Saharsa news: मध्य विद्यालय बलहा गढ़िया में बुधवार को पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम प्रधानाध्यापक मनोज कुमार की अध्यक्षता, शैलेश कुमार झा के संयोजन और अमित कुमार के संचालन में आयोजित हुआ.

इस दौरान छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने मिलकर विद्यालय परिसर में अशोक, कचनार सहित कई छायादार और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े पौधे लगाए. शिक्षकों ने अपने निजी सहयोग से पौधे खरीदकर बच्चों के साथ पौधरोपण किया.

प्रधानाध्यापक मनोज कुमार ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि वृक्ष प्रकृति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. वृक्षों के कारण ही मनुष्य और जीव-जंतुओं का अस्तित्व सुरक्षित है. उन्होंने बच्चों से पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की.

शिक्षक शैलेश कुमार झा ने बच्चों के अलग-अलग समूह बनाकर पौधरोपण कराया. साथ ही प्रत्येक समूह को उनके द्वारा लगाए गए पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी भी सौंपी गई.

कार्यक्रम में उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक विनय कुमार सिंह, मो फिरोज आलम, सुब्रत साह, प्रति कुमारी, मंजू यादव, बसंत साह, संजय कुमार, नवीन कुमार झा, रिंकी कुमारी, भावना कुमारी, मो साकिर आलम, मो कादिर आलम, राहुल Kumar, वंदना कुमारी, शांति कुमारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >