सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट
Saharsa News: शुक्रवार देर रात सहरसा जिले में तेज गरज और हवाओं के साथ हुई बारिश ने भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत दी है. लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह वर्षा किसी वरदान से कम नहीं रही. खेतों में नमी बढ़ने से धान की खेती की तैयारियों को गति मिलने की उम्मीद जगी है. हालांकि, शहर में हुई अपेक्षाकृत हल्की बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है और कई इलाकों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गई है.
धान की खेती को मिलेगी रफ्तार
बारिश के बाद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आ रही है. किसान अपने खेतों का जायजा लेने पहुंच रहे हैं. किसानों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण धान के बिचड़े की बुआई और खेतों की तैयारी प्रभावित हो रही थी.
शुक्रवार रात हुई बारिश से खेतों की मिट्टी में पर्याप्त नमी पहुंची है. इससे कृषि कार्यों में तेजी आने की संभावना है. किसानों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह समय-समय पर बारिश होती रही, तो खरीफ फसलों की खेती के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो जाएगा.
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कृषि विशेषज्ञों ने बताया क्यों अहम है जून की बारिश
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार जून महीने में होने वाली इस तरह की वर्षा धान की नर्सरी तैयार करने और खेतों की जुताई के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है. इससे किसानों को सिंचाई पर होने वाले अतिरिक्त खर्च से राहत मिलती है और खेती की लागत भी कम होती है.
बारिश के बाद ग्रामीण इलाकों में हरियाली की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं, जिससे किसानों में उत्साह का माहौल है.
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Saharsa News: खुली नगर व्यवस्था की पोल
दूसरी ओर, शहर में हुई हल्की बारिश ने नगर प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बारिश के कुछ ही समय बाद शहर की कई प्रमुख सड़कों और निचले इलाकों में पानी जमा हो गया.
सड़क पर जलजमाव होने से दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून की शुरुआत के साथ ही शहर में जलजमाव की समस्या सामने आती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान अब तक नहीं निकाला जा सका है.
जलजमाव की समस्या ने एक बार फिर नगर प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है.
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