डीएम ने किया उद्घाटन, सहरसा-मधेपुरा-सुपौल के पूर्व सैनिकों को मिलेगा लाभ
सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट:
Saharsa news: देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों के कल्याण की दिशा में सहरसा जिले को बड़ी सौगात मिली है. केंद्रीय विद्यालय के निकट नवस्थापित जिला सैनिक कल्याण कार्यालय का शुक्रवार को जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने विधिवत उद्घाटन किया.
कार्यालय के संचालन से अब सहरसा, मधेपुरा एवं सुपौल जिले के पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों को विभिन्न सेवाओं एवं समस्याओं के समाधान के लिए भागलपुर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. सभी आवश्यक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी.
उद्घाटन समारोह में तीनों जिलों के बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, सैनिक विधवाएं, वीर नारियां एवं उनके आश्रित शामिल हुए. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी कर्नल संजय कुमार ने की. इस अवसर पर जिलाधिकारी को मधुबनी पेंटिंग की चादर भेंट कर सम्मानित किया गया.
जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि सैनिक केवल देश की सीमाओं के प्रहरी नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा, अनुशासन और समर्पण के जीवंत प्रतीक हैं. जिला सैनिक कल्याण कार्यालय उन वीर जवानों के सम्मान का प्रतीक है, जिन्होंने राष्ट्र रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया और आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि अब पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को पेंशन, दस्तावेज सत्यापन, कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी, शिकायत निवारण और अन्य सेवाओं के लिए भागलपुर नहीं जाना होगा. स्थानीय स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध होने से समय, श्रम और धन की बचत होगी.
जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी कर्नल संजय कुमार ने कहा कि यह कार्यालय पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों के लिए सहायता और मार्गदर्शन केंद्र के रूप में कार्य करेगा. साथ ही उनके अधिकारों और कल्याणकारी सुविधाओं को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
कार्यक्रम के अंत में पूर्व सैनिकों ने जिला सैनिक कल्याण कार्यालय की स्थापना को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए खुशी जताई. समारोह राष्ट्रभक्ति, सम्मान और सेवा की भावना के साथ गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ.
इस दौरान जिलाधिकारी ने नवनिर्मित जिला सैनिक कल्याण कार्यालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया.
