सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट.
Saharsa News: सहरसा जिले के सदर प्रखंड कहरा अंतर्गत बनगांव स्थित पुबारी टोला में 15 जून से 21 जून तक सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जाएगा. धार्मिक आयोजन को लेकर गांव और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है. आयोजन समिति ने सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं और श्रद्धालुओं के स्वागत की व्यापक व्यवस्था की गई है.
भव्य कलश यात्रा से होगा शुभारंभ
आयोजनकर्ता शंकर कात्यायन ने बताया कि यज्ञ का शुभारंभ सोमवार को भव्य कलश यात्रा के साथ किया जाएगा. कलश यात्रा बाबाजी कुटी से प्रारंभ होकर क्षेत्र के विभिन्न देवी-देवता स्थलों का भ्रमण करते हुए यज्ञ स्थल तक पहुंचेगी.
कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है. धार्मिक जयघोष और भक्ति गीतों के बीच पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में रंगा नजर आएगा.
प्रतिदिन होगी श्रीमद्भागवत कथा
यज्ञ के दौरान प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक प्रसिद्ध कथावाचक मारुति किंकर जी महाराज श्रीमद्भागवत कथा का वाचन करेंगे.
कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जीवन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी. आयोजकों का मानना है कि कथा श्रवण से लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक जीवन दृष्टि प्राप्त होगी.
अंतिम चरण में पहुंची तैयारियां
यज्ञ आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि कार्यक्रम को सफल और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं. यज्ञ स्थल की सजावट, श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था, पेयजल और अन्य सुविधाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है.
ग्रामीण भी आयोजन की तैयारियों में बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है.
गांव में दिख रहा धार्मिक उत्साह
धार्मिक आयोजन को लेकर बनगांव और आसपास के क्षेत्रों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं.
लोगों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा स्थल पर पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा श्रवण करने और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने की अपील की है.
सात दिनों तक रहेगा भक्तिमय माहौल
21 जून तक चलने वाले इस ज्ञान यज्ञ के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. आयोजन समिति को उम्मीद है कि यह धार्मिक कार्यक्रम क्षेत्र में भक्ति, संस्कृति और सामाजिक समरसता का संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
