सहरसा के सभी 10 प्रखंडों में शुरू हुए सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालय, डीएम बोले- शिक्षा व्यवस्था को मिलेगी नई दिशा

सहरसा जिले के सभी 10 प्रखंडों में सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालयों का शुभारंभ हुआ है. इन विद्यालयों का उद्देश्य 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को आधुनिक संसाधन और बेहतर शैक्षणिक माहौल प्रदान करना है. डीएम ने शिक्षकों और अभिभावकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है.

Saharsa Model School: आदर्श विद्यालयों का उद्देश्य कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल, आधुनिक संसाधन और प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना है. जिला प्रशासन ने इसे शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को न केवल गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई मिलेगी, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास को भी गति मिलेगी.

मुख्यमंत्री ने किया राज्यव्यापी उद्घाटन

राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेगूसराय स्थित आईओसीएल स्टेडियम से किया. वर्चुअल माध्यम से सभी जिलों के कार्यक्रम इससे जुड़े रहे. इस अवसर पर पूरे बिहार में 551 सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालयों का शुभारंभ किया गया. इन विद्यालयों का उद्देश्य कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों और राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराना है.

सहरसा के सभी प्रखंडों में हुआ आयोजन

जिले के सभी 10 प्रखंडों में उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया. कहरा प्रखंड स्थित जिला स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी दीपेश कुमार एवं उप विकास आयुक्त गौरव कुमार मौजूद रहे. वहीं सौरबाजार प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय अजगैवा में जिला परिवहन पदाधिकारी सुजीत कुमार बरनवाल ने कार्यक्रम में भाग लेकर विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा और अनुशासित अध्ययन का महत्व बताया.

डीएम ने शिक्षकों और अभिभावकों से की अपील

जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालय विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला साबित होंगे. उन्होंने शिक्षकों से छात्र-केंद्रित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का आह्वान किया. साथ ही अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और घर में अध्ययन का अनुकूल वातावरण बनाने की अपील की.

स्मार्ट क्लास से प्रतियोगी परीक्षा तक मिलेगी सुविधा

इन आदर्श विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, ई-लाइब्रेरी, आधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, खेलकूद की सुविधाएं, साप्ताहिक मूल्यांकन, करियर काउंसिलिंग और रिमेडियल कक्षाओं की व्यवस्था की गई है. विद्यार्थियों को मेडिकल, इंजीनियरिंग, ओलंपियाड सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की आधारभूत तैयारी भी कराई जाएगी. इसके अलावा दीक्षा सहित अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का भी संचालन होगा.

राज्य स्तर पर होगी गुणवत्ता की निगरानी

Saharsa Model School: विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट का गठन किया गया है. यह इकाई विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों, संसाधनों और गुणवत्ता मानकों की नियमित निगरानी करेगी. जिलाधिकारी ने विश्वास जताया कि इन विद्यालयों से जिले के विद्यार्थियों को तकनीक आधारित और प्रतिस्पर्धी शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा तथा शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी.


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लेखक के बारे में

Author: Vinay kumar mishra

Published by: Pintu Pranav

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