Saharsa Mandi : सहरसा मंडी में मंगलवार को अनाज बाजार का मिला-जुला रुख देखने को मिला. मक्का और गेहूं के दाम में नरमी दर्ज की गई, जबकि चावल के बाजार में मजबूती बनी रही. कारोबारियों के अनुसार मक्का की अधिक आवक और सीमित खरीदारी के कारण इसके भाव दबाव में हैं, वहीं बाहरी बाजारों से बढ़ती मांग ने चावल के दाम को मजबूत बनाए रखा है.
मक्का की बढ़ी आवक से दाम पर दबाव
मंडी कारोबारियों का कहना है कि इन दिनों किसान लगातार मक्का की बिक्री कर रहे हैं. बाजार में पर्याप्त मात्रा में मक्का पहुंच रहा है, लेकिन बड़े खरीदार सीमित मात्रा में ही खरीदारी कर रहे हैं. मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर का असर सीधे कीमतों पर पड़ा है. बुधवार को मक्का 1900 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिका.
गेहूं के बाजार में भी दिखी नरमी
मक्का की तरह गेहूं के बाजार में भी सुस्ती का माहौल बना रहा. मंडी में पर्याप्त उपलब्धता के कारण इसके दाम में हल्की गिरावट दर्ज की गई. कारोबारियों के मुताबिक फिलहाल बाजार में आपूर्ति अधिक है, जबकि मांग सामान्य बनी हुई है. बुधवार को गेहूं का भाव 2400 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहा.
चावल की मांग ने बाजार को दी मजबूती
मक्का और गेहूं के विपरीत चावल के बाजार में अच्छी मांग बनी हुई है. खासकर बाहरी राज्यों से आ रही मांग के कारण प्रमुख किस्मों के चावल के दाम मजबूत बने हुए हैं. मंडी में खिलाखिला चावल 5300 से 5400 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिका, जबकि 24 कैरेट बासमती और 24 कैरेट जी हां चावल का भाव 5700 से 5800 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया.
“भरत तिवारी अमर रहे…”, नारे और पोस्टर के साथ सीतामढ़ी की सड़कों पर उतरा सवर्ण समाज.
दाल, तेल और सब्जियों के ताजा भाव
दालों में मसूर 6500 से 7000 रुपये, अरहर 12500 से 13000 रुपये और चना दाल 7500 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल रही. गोटा चना 6500 से 6700 रुपये तथा गोटा मूंग 10000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिका. पीला सरसों 11000 से 12000 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि 15 लीटर धारा सरसों तेल का भाव 2550 से 2600 रुपये दर्ज किया गया. आलू 800 से 900 रुपये और प्याज 1600 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिके.
इसे भी पढ़ें: NEET Re-exam में असली उम्मीदवारों की जगह बैठे सॉल्वर, लखीसराय से 9 गिरफ्तार, यहां के मेडिकल छात्र पकड़े गए
अगले सप्ताह की चाल पर टिकी निगाहें
मंडी विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मक्का की आवक और चावल की मांग बाजार की दिशा तय करेगी. ऐसे में किसानों और व्यापारियों को ताजा मंडी भाव पर लगातार नजर बनाए रखने की जरूरत है.
इसे भी पढ़ें: लखीसराय में ‘सॉल्वर गैंग’ का भंडाफोड़, मेडिकल कॉलेजों के छात्र दूसरे की जगह दे रहे थे परीक्षा
