सुबह से मौसम साफ रहने के कारण कृषि उत्पादों की आवक सामान्य रही. हालांकि, बाजार में मक्का की बढ़ी हुई आवक और खरीदारों की सीमित सक्रियता के कारण इसके भाव दबाव में दिखे. दूसरी ओर, बाहरी राज्यों से आ रही मजबूत मांग के चलते चावल की प्रमुख किस्मों की कीमतों में उछाल आया है, जिससे उत्पादकों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है.
आवक बढ़ने से मक्का और गेहूं के बाजार पर दिखा दबाव
मंडी के कारोबारियों के अनुसार, बाजार में फसलों की पर्याप्त उपलब्धता और मांग के बीच संतुलन न होने से दो प्रमुख खाद्यान्नों की कीमतों में सुस्ती देखी जा रही है:
लगातार हो रही मक्का की बिक्री के कारण बाजार में इसकी पर्याप्त आवक बनी हुई है. इसके विपरीत बड़े खरीदार अभी सीमित मात्रा में ही खरीदारी कर रहे हैं, जिससे मक्का के भाव में नरमी है. गेहूं बाजार में भी ठीक ऐसा ही माहौल है, जहां पर्याप्त उपलब्धता होने के चलते कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है.
बाहरी मांग के चलते चावल के बाजार में लौटी रौनक
मक्का और गेहूं के विपरीत चावल के बाजार में अच्छी और मजबूत मांग बनी हुई है. खासकर बाहर के राज्यों से लगातार आ रहे ऑर्डर्स के कारण कुछ प्रमुख ब्रांड और किस्मों के चावल के भाव ऊंचे बने हुए हैं. मंडी के व्यापारियों का मानना है कि यदि मांग की यही स्थिति बरकरार रही, तो आने वाले दिनों में चावल की कीमतों में और अधिक मजबूती देखने को मिल सकती है.
अनाज से लेकर तेल-तिलहन और सब्जी का ताजा भाव
बुधवार को सहरसा मंडी में विभिन्न कृषि उत्पादों के दाम व्यापारिक स्तर पर इस प्रकार दर्ज किए गए:
मक्का 1900 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल और गेहूं 2400 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिकता रहा. चावल खिलाखिला का भाव 5300 से 5400 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि 24 कैरेट बासमती और 24 कैरेट जी हां चावल का भाव लगभग 5700 से 5800 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया.
दालों के बाजार में मसूर 6500 से 7000 रुपये, अरहर 12500 से 13000 रुपये और चना दाल 7500 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल रही. गोटा चना 6500 से 6700 रुपये तथा गोटा मूंग 10000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिका. तेल-तिलहन में पीला सरसों 11000 से 12000 रुपये प्रति क्विंटल और 15 लीटर धारा सरसों तेल 2550 से 2600 रुपये तक रहा. सब्जी बाजार में आलू 800 से 900 रुपये तथा प्याज 1600 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिके.
आगामी सप्ताह पर टिकी किसानों और व्यापारियों की नजर
मंडी विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मक्का की आवक की रफ्तार और चावल की मांग का स्तर ही बाजार की अंतिम दिशा तय करेगा. ऐसे में आगामी सप्ताह के कारोबार को देखते हुए किसानों और व्यापारियों को हर दिन के ताजा मंडी भाव पर लगातार पैनी नजर बनाए रखने की आवश्यकता है.
