सहरसा कृषि उपज मंडी में अनाज और दलहन कारोबार का मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है. मौसम साफ रहने से मंडी में कृषि उत्पादों की आवक सामान्य बनी हुई है, लेकिन मक्का की भारी आवक और खरीदारों की सीमित सक्रियता के कारण इसके दामों में नरमी दर्ज की गई है. गेहूं के भाव में भी हल्की सुस्ती देखी जा रही है. दूसरी ओर, अन्य राज्यों से आ रही मजबूत मांग के चलते चावल के बाजार में अच्छी तेजी बनी हुई है, जिससे चावल उत्पादकों और कारोबारियों को राहत मिली है.
मक्का और गेहूं के भाव क्यों पड़े नरम?
मंडी के प्रमुख कारोबारियों के अनुसार बाजार में आवक और मांग का संतुलन बिगड़ने से कीमतों में बदलाव हुआ है:
- मक्का में सुस्ती: किसान लगातार अपनी मक्का की उपज बिक्री के लिए मंडी ला रहे हैं. बाजार में पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद बड़े कॉर्पोरेट खरीदार सीमित मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं, जिससे मक्का के भाव दबाव में आ गए हैं.
- गेहूं की उपलब्धता: मंडी में गेहूं की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है, जिसके चलते हालिया दिनों में कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है.
चावल और दलहन बाजार में मजबूती
मक्का और गेहूं के विपरीत चावल के प्रीमियम ब्रांड्स और दलहन की मांग तेज बनी हुई है:
- बाहरी राज्यों से मांग: बाहर की मंडियों से आ रहे ऑर्डर्स के कारण बासमती और विभिन्न किस्मों के चावल के रेट में उछाल देखा जा रहा है.
- दालों में स्थिरता: अरहर और मूंग दाल के भाव ऊंचे स्तरों पर बने हुए हैं.
सहरसा मंडी: प्रमुख कृषि उत्पादों का ताजा रेट कार्ड
| जिंस / उत्पाद | बाजार भाव (रुपये प्रति क्विंटल / यूनिट) |
| मक्का | ₹1,900 – ₹2,000 प्रति क्विंटल |
| गेहूं | ₹2,400 – ₹2,500 प्रति क्विंटल |
| चावल (खिलाखिला) | ₹5,300 – ₹5,400 प्रति क्विंटल |
| चावल (24 कैरेट बासमती / 24 कैरेट जी हां) | ₹5,700 – ₹5,800 प्रति क्विंटल |
| मसूर दाल | ₹6,500 – ₹7,000 प्रति क्विंटल |
| चना दाल | ₹7,500 – ₹8,000 प्रति क्विंटल |
| अरहर दाल | ₹12,500 – ₹13,000 प्रति क्विंटल |
| गोटा चना | ₹6,500 – ₹6,700 प्रति क्विंटल |
| गोटा मूंग | ₹10,000 – ₹10,500 प्रति क्विंटल |
| पीला सरसों | ₹11,000 – ₹12,000 प्रति क्विंटल |
| धारा सरसों तेल (15 लीटर टिन) | ₹2,550 – ₹2,600 प्रति टिन |
| आलू | ₹1,100 – ₹1,200 प्रति क्विंटल |
| प्याज | ₹3,000 – ₹3,200 प्रति क्विंटल |
अगले सप्ताह बाजार की दिशा पर नजर
मंडी विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी दिनों में मक्का की नई आवक और त्योहारी सीजन के चलते चावल-दाल की मांग बाजार की गति तय करेगी. ऐसे में किसान और व्यापारी अपनी उपज की बिक्री के लिए दैनिक मंडी भाव पर नजर बनाए रखें.
