Saharsa News: सहरसा जिले के सत्तरकटैया प्रखंड स्थित मंडन भारती कृषि महाविद्यालय, अगवानपुर में शनिवार को नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक दिवसीय जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों और एनएसएस स्वयंसेवकों ने भाग लिया और नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया.
राजभवन सचिवालय, बिहार और बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें स्वस्थ, अनुशासित तथा जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था. कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, पटना के सहयोग से किया.
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई शुरुआत
महाविद्यालय के बहुउद्देशीय सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ. मुख्य अतिथि के रूप में सह-अधिष्ठाता-सह-प्राचार्य प्रो. डॉ. बिनोद कुमार उपस्थित रहे, जबकि रवि शंकर, एस.एन. भगत और संगीता भगत विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए.
कार्यक्रम की शुरुआत एसोसिएट प्रोफेसर-सह-वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मो. अरशद अनवर के स्वागत संबोधन से हुई. उन्होंने नशा मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया.
प्राचार्य बोले- युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. डॉ. बिनोद कुमार ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति उनके स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यक्तित्व और राष्ट्र के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है.
उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, अपने परिवार और समाज में जागरूकता फैलाने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया. उन्होंने एनएसएस इकाई की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया.
विशेषज्ञों ने बताया नशे से बचने का रास्ता
मुख्य वक्ता रवि शंकर ने नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि आत्मानुशासन, सकारात्मक सोच, आध्यात्मिक जीवन और योग-ध्यान जैसे अभ्यास नशे से दूर रहने के प्रभावी माध्यम हैं.
एस.एन. भगत ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए कहा कि परिवार, शैक्षणिक संस्थानों और समाज के सामूहिक प्रयास से ही इस सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है.
संगीता भगत ने विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया.
नशा मुक्ति शपथ बनी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा नशा मुक्ति शपथ रहा. रवि शंकर ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों और एनएसएस स्वयंसेवकों को नशे से दूर रहने तथा नशा मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की शपथ दिलाई.
शपथ के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे.
Saharsa News: विकसित भारत के संकल्प के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में डॉ. मो. अरशद अनवर ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया. पूरे आयोजन का समापन “नशा मुक्त भारत, विकसित भारत” के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ.
महाविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा देने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
