Saharsa Land Fraud: सहरसा में जमीन खरीदने का सपना दिखाकर लाखों रुपये लेने और फिर जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराने के आरोपों में सहरसा पुलिस ने फरार चल रहे मुख्य आरोपित भवेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उसे बिहरा थाना क्षेत्र के नंदलाली हॉल्ट के पास उस समय पकड़ा, जब वह ट्रेन का इंतजार कर रहा था.
भवेश की गिरफ्तारी के बाद इस कथित जमीन ठगी मामले की परतें खुलने लगी हैं. अब तक दर्ज तीन मामलों और अनुसंधान के दौरान सामने आये अन्य शिकायतकर्ताओं के दावों को जोड़ें तो 80 लाख रुपये से अधिक की कथित ठगी का मामला सामने आ चुका है.
पुलिस के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद कई अन्य लोग भी सदर थाना पहुंचे हैं. कुछ लोगों ने पहले की शिकायतों के बारे में जानकारी दी है, जबकि कुछ नये आवेदन देने की तैयारी में हैं. ऐसे में पुलिस की जांच आगे बढ़ने पर पीड़ितों की संख्या और कथित ठगी की रकम बढ़ने की संभावना है.
10 लाख लेकर जमीन नहीं देने का आरोप
सदर थाना कांड संख्या 760/25 में रेलवे कॉलोनी वार्ड संख्या-33 निवासी रेखा कुमारी, पति सुमन कुमार झा ने प्राथमिकी दर्ज करायी है.
प्राथमिकी के अनुसार, भवेश कुमार ने जमीन उपलब्ध कराने और उसकी रजिस्ट्री कराने का भरोसा देकर उनसे करीब 10 लाख रुपये लिये. आरोप है कि राशि लेने के बाद न तो जमीन की रजिस्ट्री करायी गयी और न ही पैसे वापस किये गये.
इस मामले में पुलिस ने अनुसंधान के बाद फरार चल रहे आरोपी की तलाश शुरू की थी.
26 लाख रुपये लेने का भी आरोप
सदर थाना कांड संख्या 821/25 में सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के नवटोलिया निवासी रामनारायण सिंह ने भवेश कुमार पर करीब 26 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है.
दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि जमीन देने का आश्वासन देकर राशि ली गयी, लेकिन बाद में न जमीन दी गयी और न ही पैसे वापस किये गये.
एक ही तरह के आरोपों से जुड़े अलग-अलग मामले सामने आने के बाद पुलिस अब पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है.
15.25 लाख लेकर रजिस्ट्री नहीं कराने का आरोप
सदर थाना कांड संख्या 1029/25 में दिवारी निवासी निर्मल कुमार ने भी भवेश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है.
प्राथमिकी के अनुसार, सितंबर 2024 में भवेश कुमार ने अपने आवास के पास करीब 10 धूर जमीन बेचने की बात कही थी. जमीन की कीमत 15 लाख 25 हजार रुपये तय हुई थी.
आरोप है कि निर्मल कुमार ने अलग-अलग तारीखों में नकद और बैंकिंग माध्यम से पूरी रकम का भुगतान कर दिया. इसके बाद जब जमीन की रजिस्ट्री कराने की बात आयी तो आरोपित और उसके परिजनों की ओर से लगातार टालमटोल की जाने लगी.
वादी का आरोप है कि रजिस्ट्री की तारीख तय कराने के लिए जाने पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गयी तथा जान से मारने की धमकी भी दी गयी.
इस प्राथमिकी में भवेश कुमार के अलावा अखिलेश कुमार, भूषण भारती, मोनिका गुप्ता, राकेश गुप्ता और अनिता गुप्ता को भी नामजद आरोपित बनाया गया है. पुलिस इन सभी आरोपों की जांच कर रही है.
21.85 लाख रुपये की एक और शिकायत
पुलिस के अनुसंधान के दौरान तरियामा निवासी मनोज कुमार, पिता अनिल साह ने भी शिकायत दी है.
उनका आरोप है कि जमीन दिलाने के नाम पर उनसे करीब 21 लाख 85 हजार रुपये लिये गये. बाद में न जमीन मिली और न ही राशि वापस की गयी.
यह शिकायत सामने आने के बाद पुलिस के सामने कथित ठगी के मामलों की संख्या और रकम दोनों के बढ़ने की संभावना बनी है.
गिरफ्तारी की खबर मिलते ही थाने पहुंचने लगे लोग
भवेश कुमार की गिरफ्तारी के बाद शनिवार को कई लोग सदर थाना पहुंचे. बताया गया कि कुछ लोगों ने पुलिस को पूर्व में की गयी शिकायतों के बारे में जानकारी दी, जबकि कुछ लोग नये सिरे से आवेदन देने की प्रक्रिया में रहे.
यही वजह है कि पुलिस अब केवल दर्ज प्राथमिकी तक सीमित नहीं रहना चाहती. अनुसंधान के दौरान सामने आ रहे नये दावों का सत्यापन किया जा रहा है.
अगर नये दावों की पुष्टि होती है तो कथित ठगी की कुल रकम और पीड़ितों की संख्या में और इजाफा हो सकता है.
व्यवहार न्यायालय में भी दर्ज है मामला
जमीन के नाम पर कथित ठगी से जुड़े एक अन्य मामले में भवेश कुमार के खिलाफ व्यवहार न्यायालय, सहरसा में नालशी वाद संख्या 519/23 भी दर्ज है.
इस मामले में भी करीब 10 लाख रुपये की कथित ठगी का आरोप लगाया गया है.
इस तरह पुलिस के सामने अब थाना में दर्ज मामलों के साथ न्यायालय में दर्ज मामले और अनुसंधान के दौरान सामने आ रही शिकायतों को भी देखने की जरूरत है.
मधेपुरा के लूटकांड में भी आया था नाम
भवेश कुमार का नाम मधेपुरा जिले के एक लूटकांड में भी सामने आ चुका है.
मधेपुरा थाना कांड संख्या 46/20 के अनुसार, 18 जनवरी 2020 की शाम भेलवा वार्ड संख्या-4 निवासी शिव कुमार मंडल के साथ सखुआ माइन पुल के पास मारपीट कर मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और नकदी लूट ली गयी थी.
पुलिस के अनुसंधान के दौरान इस मामले में भवेश कुमार की संलिप्तता सामने आने की बात कही गयी है.
यह मामला जमीन से जुड़े मौजूदा आरोपों से अलग है और पुलिस इसके तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है.
नंदलाली हॉल्ट पर ट्रेन का इंतजार कर रहा था आरोपी
पुलिस को सूचना मिली थी कि भवेश कुमार बिहरा थाना क्षेत्र के नंदलाली हॉल्ट के पास मौजूद है और ट्रेन का इंतजार कर रहा है.
सूचना का सत्यापन करने के बाद पुलिस टीम ने वहां घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तार भवेश कुमार को पूर्व से दर्ज मामले में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
आरोपी की गिरफ्तारी में सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान और कांड संख्या 760/25 के अनुसंधानकर्ता पुलिस अवर निरीक्षक धर्मपति झा की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
Saharsa Land Fraud: अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल पूरे नेटवर्क की जांच
भवेश कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अब केवल दर्ज मामलों का अनुसंधान पूरा करने की चुनौती नहीं है, बल्कि उन नये लोगों की शिकायतों का सत्यापन भी महत्वपूर्ण है, जो गिरफ्तारी के बाद सामने आ रहे हैं.
जमीन खरीद-बिक्री में बड़ी रकम के लेनदेन के आरोपों को देखते हुए पुलिस के लिए यह पता लगाना भी अहम होगा कि किन लोगों से कितनी राशि ली गयी, जमीन का क्या आश्वासन दिया गया और किन मामलों में रजिस्ट्री नहीं हुई.
फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पीड़ितों और शिकायतों की भी जांच की जा रही है. जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित जमीन ठगी मामले में और बड़े खुलासे सामने आने की संभावना है.
