महिषी के लहटन चौधरी महाविद्यालय में शासी निकाय की बैठक, शिक्षा और नशामुक्ति अभियान पर बना रोडमैप

महिषी प्रखंड के लहटन चौधरी महाविद्यालय में शासी निकाय की बैठक में नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए नियमित जागरूकता अभियान चलाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. शैक्षणिक माहौल को मजबूत करने और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने पर जोर दिया गया.

Saharsa News: महिषी प्रखंड के लहटन चौधरी महाविद्यालय, पस्तवार बलुआहा में रविवार को आयोजित शासी निकाय की बैठक में महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और भविष्य की गतिविधियों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. बैठक में सबसे अहम फैसला नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए नियमित जागरूकता अभियान चलाने का रहा, जिसे सदस्यों ने वर्तमान समय की बड़ी आवश्यकता बताया.

बैठक की अध्यक्षता नव नियुक्त विश्वविद्यालय प्रतिनिधि तथा सर्व नारायण सिंह राम कुमार सिंह महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनंत कुमार सिंह ने की. बैठक में प्रबंधकारिणी सचिव डॉ. किरण कुमारी भी उपस्थित रहीं.

शैक्षणिक माहौल मजबूत करने पर जोर

महाविद्यालय के सभागार में आयोजित बैठक के दौरान पठन-पाठन व्यवस्था, उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं और चल रही शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की गई. सदस्यों ने वर्तमान शैक्षणिक स्थिति पर चर्चा करते हुए कॉलेज में अध्ययन-अध्यापन का वातावरण और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई सुझाव दिए.

बैठक में यह भी विचार किया गया कि विद्यार्थियों को नियमित शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने, अनुशासन को मजबूत करने और परिसर में सकारात्मक अकादमिक वातावरण विकसित करने के लिए समयबद्ध पहल की जाए.

युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करने का निर्णय

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि महाविद्यालय स्तर पर समय-समय पर नशामुक्ति जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे. सदस्यों का कहना था कि युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है और शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी केवल शिक्षा तक सीमित नहीं हो सकती.

उन्होंने कहा कि छात्रों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना आवश्यक है, ताकि वे स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज के निर्माण में योगदान दे सकें.

Saharsa News: शिक्षकों और शिक्षाविदों की सक्रिय भागीदारी

बैठक में प्राचार्य परमेश्वर साह, शिक्षाविद् डॉ. शैलेंद्र कुमार, शिक्षक प्रतिनिधि प्रांजल कुमार सिंह सहित शासी निकाय के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे. सभी ने महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की.

महाविद्यालय प्रशासन का मानना है कि शिक्षा के साथ सामाजिक जागरूकता को जोड़ने से छात्रों के व्यक्तित्व विकास और समाज में सकारात्मक परिवर्तन दोनों को गति मिलेगी.

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लेखक के बारे में

By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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